भरुआसुमेरपुर। बड़ी आबादी वाले इंगोहटा गांव में मलेरिया के साथ डेंगू ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। डेंगू से ग्रसित होने पर यहां के एक युवक का उपचार कानपुर में चल रहा है। बुखार से पीड़ित लोग घर-घर में हैं। ग्रामीणों ने कीट नाशक दवा का छिड़काव न कराए जाने से नाराजगी जताई है।
इंगोहटा निवासी सौरभ दीक्षित ने बताया उनका पुत्र आरो दीक्षित (10) बुखार से ग्रसित था। राहत न मिलने पर उसे जिला अस्पताल ले गए थे। वहां जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए तो कानपुर रेफर किया गया। इंगोहटा में डेंगू का मरीज पाए जाने से ग्रामीणों में भय का वातावरण है। लोगों ने बताया गांव में मलेरिया का प्रकोप है। उसके साथ ही डेंगू ने भी दस्तक दी है। ग्रामीणों का कहना है गांव में कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। इसकी वजह से मच्छरों की तादाद बढ़ी हैं। इसी वजह से वहां बुखार के घर-घर मरीज हैं।
ग्रामीणों ने गांव में कीटनाशक दवा का छिड़काव कराए जाने की मांग की है। बिदोखर गांव में शनिवार को बुखार से पीड़ित एक मरीज डेंगू से प्रभावित पाया गया था। जिसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। आसपास के दोनों ग्रामों में डेंगू की दस्तक हो चुकी है। पीएचसी प्रभारी डा. महेशचंद्रा ने कहा डेंगू का अभी तक कोई मरीज नहीं है। इंगोहटा में डेंगू की सूचना पर जांच कराएंगे।
प्रभावी नियंत्रण की अपील
हमीरपुर। सीएमओ डा. अशोक रावत ने रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए आम जनमानस से अपील की है कि मच्छरों से मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व मस्तिष्क ज्वर आदि रोगों से बचाव के लिए गमलों, कूलर, पुराने टायरों, बर्तनों में पानी न भरने दें। एंटीलार्वा का छिड़काव करें। डेंगू के मच्छर जमीन से 4 से 5 फिट की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं। पूरी आस्तीन के कपड़े व पैंट पहनें। बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दिखवाएं।