एंटीकरप्शन टीम ने प्रधानाचार्य को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा
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हमीरपुर के राठ में बीएनवी इंटर कालेज के शिक्षक की शिकायत पर लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने स्कूल से प्रभारी प्रधानाचार्य को 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। प्रधानाचार्य फर्जी फंसाने का आरोप लगा मदद की गुहार लगाते रहे। टीम कॉलेज के हेड क्लर्क को भी ले गई जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।
यूटा के प्रदेश संयुक्त महामंत्री रमाकांत शुक्ला ने बताया कि ब्रह्मानंद इंटर कालेज के प्रभारी प्रधानाचार्य नरेश चंद्र ने प्रवक्ता सुघर सिंह की जुलाई 2021 की वेतनवृद्धि नहीं लगाई थी। वेतनवृद्धि लगाने के एवज में प्रधानाचार्य ने 15 हजार रुपये की मांग की। जिसकी शिकायत सुघर सिंह ने यूटा प्रदेश संयुक्त मंत्री से की थी।
यूटा के सहयोग से प्रवक्ता सुघर सिंह ने मामले की शिकायत लखनऊ की एंटी करप्शन टीम से की। लखनऊ से आई पांच सदस्यीय एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार दोपहर विद्यालय में प्रभारी प्रधानाचार्य को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम हेड क्लर्क विनय महान को भी अपने साथ ले गई है।
विद्यालय के प्रबंधक डॉ. उमाकांत सिंह लोधी का कहना है कि प्रभारी प्रधानाचार्य को फर्जी तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि त्यागमूर्ति स्वामी ब्रह्मानंद की कर्मभूमि शिक्षण संस्थान की छवि खराब करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर हमीरपुर कोतवाली में एंटीकरप्शन टीम प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल ने प्रभारी प्रधानाचार्य नरेश चंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।