हमीरपुर। चिकासी थानाक्षेत्र के रावतपुरा गांव में करीब साढ़े तीन वर्ष पहले बाबा की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने पौत्र को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। पहले जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किए जाने का भी आदेश न्यायालय ने दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ला व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विशंभर पाल ने बताया कि चिकासी थानाक्षेत्र के रावतपुरा गांव में 18 मई 2018 को अखिलेश ने अपने बाबा मंशाराम की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपी के भाई अमित ने चिकासी थाने में दी गई तहरीर में बताया कि 17 मई को उसके माता पिता रिश्तेदारी में रौंरा गांव गए थे।
घर में वह व उनका छोटा भाई अखिलेश और बाबा मंशाराम (70) थे। 18 मई 2018 को वह बाजार करने गोहांड कस्बे चला गया। बाजार कर वह दोपहर में घर लौटा तो देखा कि उनका भाई अखिलेश खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर घर के अंदर से निकल रहा था। उसने घर के अंदर जाकर देखा तो खून से लथपथ बाबा का शव पड़ा था। इस मामले में अमित ने तहरीर में छोटे भाई को मानसिक रूप से सनकी बताया था।
चिकासी थाना पुलिस ने आरोपी अखिलेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज किया था। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जी प्रसाद ने अखिलेश को दोषी पाते हुए हत्या के मामले में उम्रकैद व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त के जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।