राठ। पिता की मौत के बाद ग्राम पंचायत सचिव, तत्कालीन ग्राम प्रधान से मिलकर परिजनों ने परिवार रजिस्टर में हेराफेरी करा बालिका को बेदखल कर दिया। न्यायालय के आदेश पर सचिव सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
जलालपुर थाने के बंगरा गांव निवासी राधा (12) के पिता मुन्नूलाल उर्फ रामप्रकाश की मौत हो चुकी है। आरोप है कि बाबा ने सारी जमीन चाची के नाम कर उनकी मां व बेटी को घर से निकाल दिया। वह जरिया थाने के पचखुरा गांव निवासी अपने नाना नत्थू के यहां शरण लिए हैं। बैनामा निरस्तीकरण का वाद राठ व भरण पोषण का मामला कुटुंब न्यायालय हमीरपुर में विचाराधीन है। आरोप लगाया कि उनका हक मारने के लिए बाबा बाबूराम व चाचा जयकरन ने बंगरा के तत्कालीन ग्राम प्रधान मकबूल, ग्राम पंचायत सचिव से मिलकर साजिश के तहत फर्जी परिवार रजिस्टर दस्तावेज तैयार किए हैं। विरोध करने पर उन्हें व उनके नाना को जान से मारने की धमकी दी। 8 फरवरी 2021 को नाना के साथ राधा गांव पहुंचीं। जहां बाबा व चाचा कुल्हाड़ी लेकर हमलावर हो गए। ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों को बचाया। थाने में शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 12 फरवरी 2021 को एसपी सहित उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा पर सुनवाई नहीं हुई। न्याय के लिए पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हमीरपुर के आदेश पर बंगरा गांव निवासी बाबू उर्फ बाबूराम, जयकरन उर्फ नेता, तत्कालीन ग्राम प्रधान मकबूल व ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ जलालपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।