हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे में छह मजदूरों की मौत के बाद जिम्मेदारों की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती तौर पर हादसे को तेज आंधी का परिणाम बताया गया था लेकिन देर शाम कुरारा थाने में निर्माण कार्य करा रही कंपनी, उसके मालिक और सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाही की प्राथमिकी दर्ज की गई।
बृहस्पतिवार रात तेज आंधी के दौरान निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया था। हादसे के बाद राज्य सेतु निगम के सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी ने कहा था कि आंधी के कारण स्लैब के कसाव कार्य पर असर पड़ा जिससे निर्माणाधीन हिस्सा ढह गया। हालांकि बाद में मामले में लापरवाही की बात सामने आने लगी।
सेतु निगम के उप परियोजना अधिकारी दिलीप कुमार की ओर से कुरारा थाने में निर्माण कार्य कर रही कंपनी मेसर्स द सेल्टर, उसके मालिक विजय प्रताप सिंह निवासी कानपुर और सुपरवाइजर नीतीश सचान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीते तीन दिन से एक जिम्मेदार अधिकारी निर्माण स्थल पर नहीं पहुंचा था और पूरा कार्य मजदूरों के भरोसे चल रहा था। लोगों का कहना है कि बियरिंग कसाव का काम बेहद जोखिम भरा होता है, इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। थाना प्रभारी प्रिंस दीक्षित ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।