हमीरपुर। मकान के विवाद में सो रहे व्यक्ति की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम अफशां की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया है। अदालत ने भगवानदीन उर्फ बटना और उसके बेटे राजेंद्र को दोषी करार दिया है। दोनों को धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
मामला मौदहा कोतवाली क्षेत्र के सिजनौड़ा गांव का है। वादी देवी प्रसाद ने तहरीर में बताया था कि उसके छोटे भाई कल्लू प्रजापति का मकान को लेकर भगवानदीन से करीब तीन-चार वर्ष से विवाद चल रहा था। विवाद के दौरान भगवानदीन ने कल्लू को जान से मारने और छोटी बेटी को काटकर फेंक देने की धमकी भी दी थी। पारिवारिक मामला होने से पहले पुलिस में शिकायत नहीं की गई।
14 मई 2016 की रात करीब 12 बजे भगवानदीन उर्फ बटना और उसका पुत्र राजेंद्र दरवाजे पर सो रहे कल्लू के पास पहुंचे और धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। शोर होने पर कल्लू का भाई और अन्य परिजन जागे तो आरोपी भाग निकले। घटना के बाद देवी प्रसाद की तहरीर पर मुुकदमा अपराध संख्या 266/2016, धारा 302 में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने फैसला सुनाया।