हमीरपुर। दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) रनवीर सिंह की अदालत ने पति राममिलन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 24 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
चंदुलीतीर निवासी मुंशी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि उसने पुत्री निशा की शादी 12 जून 2014 को कुरारा थाना क्षेत्र के क्योटरा गांव निवासी राममिलन से की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में 50 हजार रुपये और मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर निशा को प्रताड़ित किया गया। 19 मार्च 2020 को उसके कमरे में गला दबाकर हत्या कर दी गई।
अदालत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय साक्ष्यों समेत अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। हालांकि मामले में नामजद फूलकुमारी को आरोपों का संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत ने पति राममिलन को हत्या का दोषी माना और फैसला सुनाया। दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।