सात दिन से कलक्ट्रेट परिसर में नौकरी के लिए अनशन पर बैठे युवक की तबियत सोमवार को खराब होने लगी है। जिला प्रशासन की तरफ से अभी तक उसे कोई देखने नहीं आया है।
बांदा जिले के कैलाशपुरी निवासी सोनू आठ फरवरी से परिवार के साथ अनशन पर बैठा है। उसने बताया कि उसके पिता कल्लू रहमानियां इंटर कॉलेज मौदहा में परिचारक के पद पर तैनात थे। डयूटी के दौरान सात जून 2014 को उनकी आकस्मिक मौत हो गई।
मृतक आश्रित होने के चलते उसने कई बार डीआईओएस व प्रधानाचार्य को पत्र दिए मगर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि प्रबंधक ने उससे कहा कि यह अल्पसंख्यक विद्यालय है।
इसमें अनुकंपा नियुक्त नहीं होती। जबकि प्रबंधतंत्र ने पूर्व में एक अध्यापक व तीन परिचारक अनुकंपा के तहत नियुक्त किए हैं। इसी को लेकर वह भी अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहा है। इस मामले में माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भी पत्र भेजा है।