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कोरोना महामारी में मिला ऑनलाइन क्लास का विकल्प

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हमीरपुर। कोरोना महामारी में तकनीकी शिक्षा का ज्ञान बढ़ा। इसे प्रयोग करने में शिक्षा विभाग के अध्यापकों को कम से कम 10 वर्ष का समय लगता, वह तकनीक आज प्रयोग में आ चुकी है। भौतिक रूप से विद्यालय बंद हुए तो ऑनलाइन शिक्षा एक विकल्प के रूप में उभरी। इसके जरिए छात्र व छात्राओं को तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ। कोरोना वायरस के कारण डेढ़ से दो साल स्कूल और कॉलेज पूरी तरह बंद रहे। मजबूरी में शासन और कॉलेज संचालकों को ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को आधार बनाना पड़ा। कई प्रकार से शासन और विभाग ने व्हाट्सएप ग्रुप, टीवी चैनल, यूट्यूब के माध्यम से लिंक जारी किए। इनके माध्यम से छात्र-छात्राओं को घर बैठे पढ़ाई कराई गई। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान तकनीकी शिक्षा प्राप्त हुई तो उनके चेहरे पर खुशी लौटी।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय टिकरौली के सहायक अध्यापक अरुण भदौरिया ने कोरोना काल के समय ऑनलाइन पढ़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बेसिक शिक्षा परिषद में गणित विषय पर प्रदेश भर के बच्चों के लिए डिजिटल कंटेंट तैयार किया। उनके गणित के दो वीडियो का प्रसारण दूरदर्शन पर किया गया। इन सभी विडियो को राज्य शैक्षिक संस्थान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा ऑनलाइन दीक्षा प्लेटफार्म पर भी डाला गया है। उन्होंने कक्षा छह गणित की कार्य पुस्तिका भी बच्चों के लिए लिखी, जो इस सत्र 2021-22 में बच्चों को वितरित की गई है।
प्राथमिक शिक्षक राज्य संदर्भदाता समूह (एसआरजी) के रामकृष्ण शुक्ल ने कोरोना काल के दौरान यूट्यूब और गूगल मीट क्लास के शुरुआती चरण में जूनियर स्तर के बच्चों के लिए वर्कशीट बनाई। सभी शिक्षक साथियों की मदद से इस कार्य को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाया गया। बच्चों को ग्रुप में बैठकर गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन क्लास एवं यूट्यूब क्लास दी गई। इनके द्वारा नियमित रूप से गूगल मीट, यू ट्यूब क्लास और मोहल्ला क्लास का संचालन किया गया।
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आलोक कुमार का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान जब कालेज बंद हो गए तब एक बार महसूस हुआ कि अब बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो जाएगी। इसी समय कालेज की तरफ से आनलाइन शिक्षा व्यवस्था शुरू की गई। कोरोना महामारी के बीच तकनीकी शिक्षा का ज्ञान बढ़ा है।
सत्यम यादव ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। एक बार तो ऐसा लग रहा था कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे हो सकेगी। ट्यूशन भी बंद हो गई। व्हाटसएप, दूरदर्शन और विभिन्न लिंक के माध्यम से तकनीकी शिक्षा जीवन दायिनी साबित हुई।
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