मौदहा (हमीरपुर)। बुंदेलखंड औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंताओं के बीच सोमवार को एसडीएम करनवीर सिंह ने रीवन, बिहुनी कला और बिहुनी खुर्द गांवों में चौपाल लगाई। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। आश्वासन दिया कि अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा निर्धारित सर्किल रेट के आधार पर दिया जाएगा।
औद्योगिक गलियारे के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण करने पर किसानों में मुआवजे की दरों पर असंतोष है। किसानों का कहना है कि खेती उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। जमीन अधिग्रहीत होने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो सकता है। इसी को लेकर रीवन के किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में ज्ञापन देकर मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग उठाई थी।
इससे पहले 27 जुलाई को तहसील पहुंचे किसानों सुनील त्रिपाठी, संतोष कुमार, बाबूलाल, कमतू, शिवकुमार, संजय, कल्लू, सूरजपाल आदि ने बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की थी। सोमवार को चौपाल में एसडीएम ने किसानों की समस्याएं सुनकर मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सरकार बुंदेलखंड के विकास के लिए स्थानीय लोगों की मंशा को ध्यान में रखकर काम कर रही है।