मुस्करा (हमीरपुर)। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस हादसे के बाद दिल्ली जैसे महानगरों के लिए परिवहन व्यवस्था धड़ाम हो गई है। कस्बे से रोजाना दिल्ली को जाने वाले लगभग 50-60 यात्रियों को केवल महोबा डिपो की बस का ही सहारा है। इससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही दोगुना किराया भी देना पड़ रहा है।
लगभग दो वर्ष पूर्व कस्बा से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद आदि शहरों को जाने के लिए राठ डिपो की तीन बसें और महोबा डिपो की दो बसें चलती थीं। वहीं डबल डेकर प्राइवेट बसों के संचालन से यात्रियों को सुविधा के साथ आसान सफर मिलता था। यात्री रोडवेज बसों में यात्रा न करके स्लीपर बसों में जाना मुनासिब समझते थे। सवारियों के अभाव में परिवहन निगम को अपनी बसें बंद करनी पड़ी। वहीं हादसे के बाद स्लीपर बसों का संचालन भी बंद हो गया है। अब मात्र महोबा डिपो की एक बस ही दोपहर करीब ढाई बजे कस्बा होकर दिल्ली जाती है। इससे यात्री यहां-वहां भटक रहे हैं। पहले 500 रुपये किराये में लोग दिल्ली का आरामदायक सफर करते थे। उन्हें अब दोगुना किराया चुकाना पड़ रहा है।
500 की जगह लग रहे अब एक हजार रुपये
नोएडा की एक कंपनी में काम करते हैं और परिवार कस्बा में रहता है। इसके चलते वह प्रतिमाह घर आते हैं। पहले जहां मात्र 500 रुपये में नोएडा पहुंच जाते थे। अब 1000 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। -डिल्लीपत श्रीवास, चार थोक।
दिल्ली में मजदूरी करता हूं। कम किराया और आसान सफर के चलते जब मन होता था तो घर आ जाता था। अब कस्बा से दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा न होने और दोगुने किराया से परेशान हैं। -गोविंद दास सोनी, बंडवा।
मौदहा होते हुए मुस्करा वाया दिल्ली और मुस्करा से दिल्ली की दो सेवाएं संचालित हैं लेकिन यात्री न मिलने के कारण ये सेवाएं रोक दी गई थीं। अब कल से दोनों सेवाएं अपने निर्धारित समय से संचालित की जाएंगी। -आरपी साहू, एआरएम हमीरपुर।
फोटो 05 एचएएमपी 04- मुस्करा बस स्टैंड में दिल्ली को जाने वाली महोबा डिपो की बस से उतरते यात्री।
फोटो 05 एचएएमपी 04- मुस्करा बस स्टैंड में दिल्ली को जाने वाली महोबा डिपो की बस से उतरते यात्री।