सुमेरपुर क्षेत्र के मनासर बाबा मंदिर।
- फोटो : HAMIRPUR
भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। सावन मास में शिव पूजन व दर्शन का विशेष महत्व है। सावन मास इस वर्ष रविवार से प्रारंभ है। सावन में सोमवार को शिवलिंगों का विशेष पूजन होता है। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते धर्मस्थल में भीड़ एकत्र न होने के निर्देश हैं। मंदिर प्रबंधन भी भीड़ से परहेज करने के इंतजाम कर रहा है। ऐसे में बीहड़ों में विराजमान मनासर बाबा शिवलिंग में इस वर्ष भी भक्तों के जल से नहीं, बल्कि मेघों की बारिश से ही बाबा का जलाभिषेक होगा।
क्षेत्र में मनासर बाबा शिवलिंग का विशेष महत्व है। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती रही है। पाताल से बाहर आए इस शिवलिंग के बारे में क्षेत्र में तमाम तरह किवदंतियां हैं। बताते हैं दो शताब्दी पूर्व यह शिवलिंग भीषण जंगल में एक गाय के माध्यम से चरवाहा ने खोजा था। इस शिवलिंग को खुदाई करके पड़ोस के गांव सिमनौड़ी में विराजमान करने का भरसक प्रयास किया गया था। मगर सफलता नहीं मिली थी। तब इसको उसी स्थान पर स्थापित कर पूजन करने का फैसला लिया गया था। तब से यह शिवलिंग आज भी बीहड़ों में विराजमान हैं। अब मंदिर तक जाने के लिए पक्की सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। लेकिन मंदिर का गुंबद आज भी अधूरा है। इस मंदिर का निर्माण कस्बे के छाछेलाल पंसारी ने कराया था।
निर्माण के समय उसके अंदर यह विचार आया था कि मंदिर की गुंबद इतनी अधिक ऊंची बनाऊंगा। ताकि कस्बे से ही मंदिर के दर्शन हो जाया करेंगे। इसी विचार के कारण छाछेलाल पंसारी को एक सपना आया और इस सपने के बाद मंदिर की गुंबद का निर्माण रोक दिया गया था। तब से अब तक इस मंदिर की गुंबद का निर्माण पूरा नहीं कराया गया है।
मंदिर में गुंबद का कार्य पूर्ण न होने से बारिश की बूंदों से बाबा का जलाभिषेक हो जाता है। ज्यादातर शिव मंदिरों में शिवलिंग सीधे स्थापित हैं। लेकिन यहां का शिवलिंग थोड़ा तिरछा है। इसके बारे में लोग ज्यादा तो नहीं बता पाते हैं। लेकिन इतना तय है कि यहां पर आने वाले भक्तों की मुराद बहुत जल्द पूर्ण होती है। इसलिए यहां वर्ष भर भक्तों का तांता रहता है। मंदिर के महंत द्वारिका दास महाराज ने बताया इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते धर्म स्थलों में भीड़भाड़ एकत्र न करने के निर्देश हैं। उन्होंने मंदिर प्रांगण में भीड़ न हो सके इसके लिए बैरिकेडिंग आदि के इंतजाम किए गए हैं। गर्भ गृह में पांच-पांच भक्तों को जाकर पूजन अर्चन का कार्यक्रम तय किया गया है। (संवाद)
सुमेरपुर क्षेत्र के मनासर बाबा शिवलिंग।- फोटो : HAMIRPUR