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भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ हुआ कंस का वध

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पवई गांव के तालाब में भगवान श्रीकृष्ण व बलदाऊ की झांकी। - फोटो : HAMIRPUR
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सरीला (हमीरपुर)। तहसील क्षेत्र के पवई गांव में बुधवार को शरद पूर्णिमा पर झिंझिया का आयोजन हुआ। गांव में एक बड़े भू-भाग में फैले तालाब में अद्भुत स्वांगों संग रोचक कार्यक्रम हुए। श्रीकृष्ण के जय घोष के साथ कंस का वध हो गया। रात्रि में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। इस मौके पर लगे मेले में लोगों ने खरीदारी की।
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पवई गांव में करीब सौ साल से भी अधिक समय से झिंझिया का आयोजन शरण पूर्णिमा के मौके पर होता चला आ रहा है। कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण मिल जुलकर करते हैं। बड़े तालाब में आयोजित इस कार्यक्रम में तालाब के अंदर दो दर्जन नावों व ड्रमों के मंच बनाकर कृष्ण दरबार, कंस दरबार, पूतना, अघासुर, कालिया नाग, भयंकर भूत, वकासुर, भैंसासुर के स्वांगों का प्रदर्शन किया गया।
दोपहर से शुरू हुए कार्यक्रम में देर शाम श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ कंस वध मंचन का आयोजन किया गया। मंचन के दौरान कृष्ण और कंस संवाद ने समा बांध दिया।
झिंझिया के आयोजन में जुड़ा पौराणिक इतिहास
तालाब किनारे बने सैमागुर बाबा का स्थान है। यहां गुदरिया दाई की शादी को लेकर ग्रामीण झिंझिया मनाते चले आ रहे हैं। इनका मानना है कि इन पूर्वज देवताओं की शादी इसी तरह हुई है तथा यह भी माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि में अमृत वर्षा होती है। महेंद्र सिंह राजपूत, रामगोपाल राजपूत, प्रदीप कुमार, मनोहर, टीकाराम मास्टर, शिवप्रसाद लोधी, इंद्रेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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