मुस्करा कस्बे में बीती शाम हुई झमाझम बारिश से जहां सफाई व्यवस्था की पोल
खुल गई वहीं दूसरी ओर कस्बे में जगह-जगह जलभराव हो गया। चरखारी रोड, बस
स्टैंड तिराहा व थाना ग्राउंड में घुटनों तक जलभराव हो जाने के कारण लोगों
को आवागमन में दिक्कत हुई। नगर की सफाई व्यवस्था न कराने का खामियाजा
ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ज्ञात हो कि जिले की सबसे बड़ी आबादी
वाले ब्लॉक मुख्यालय के गंाधी ग्राम मुस्करा की मौजूदा आबादी करीब 30 हजार
के आसपास है। इस ग्राम में आबादी के हिसाब से कम से कम एक दर्जन सफाई
कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए।
जबकि मौजूदा समय में इस गांव में एक भी
सफाई कर्मी की तैनात नहीं है। कस्बे में बीती शाम हुई झमाझम बारिश से चारों
ओर जलभराव हो गया।
उफनाती नालियां, बजबजाती कीचड़युक्त गलियाें की बदबूदार
सड़ांध से ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। यही हालत रही तो गांव में
हैजा, डायरिया, वायरल जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका है।
बसपा नेता सूर्य प्रकाश द्विवेदी, राजा पांडेय, प्रमोद अग्रवाल, संजय
अग्रवाल, राजेंद्र व्यास सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि मौजूदा समय में
कस्बा नरक बना है। सफाई व्यवस्था को पटरी में लाने के लिए एक दर्जन सफाई
कर्मी तैनात किए जाएं, तभी लोगों को इस नारकीय जीवन से निजात मिलेगी।
मुस्करा प्रधान महेंद्र प्रताप ने कहा कि जिला पंचायत राज अधिकारी और ब्लॉक
को दर्जनों बार पत्र लिखकर सफाई कर्मियों की तैनाती करने को कहा है, पर
उनके पत्रों की अनसुनी की जा रही है। इस ध्वस्त सफाई व्यवस्था के बीच अगर
संक्रामक बीमारी फैलती है तो डीपीआरओ क ो दोषी माना जाए।