गरीब तबके के ग्रामीण विद्यार्थियों को केंद्रीय विद्यालय के पैटर्न पर शिक्षा देने के उद्देश्य से आगामी शिक्षण सत्र से जनपद में चार मॉडल स्कूलों की शुरूआत की जानी है। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते काम जल्द होने की उम्मीद कम है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जनपद में चार मॉडल स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। जिनमें कक्षा छह से बारहवीं तक की शिक्षा का प्रबंध होगा। इसके अलावा इन विद्यालयों में बच्चों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा भी मिलेगी। मॉडल स्कूलों में बच्चों को केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर सीबीएसई पैटर्न पर शिक्षा दी जाएगी।
जनपद के पिछड़े ब्लाकों में चार मॉडल स्कूल आवंटित किए गए हैं। इनमें ब्लाक मुख्यालय कुरारा, सुमेरपुर के टेढ़ा, मुस्करा के इमिलिया व राठ के कैथी में मॉडल स्कूल को मंजूरी दी गई थी। प्रत्येक विद्यालय का निर्माण 3.02 करोड़ रुपये की लागत से होना है।
कुरारा व कैथी में बन रहे विद्यालय निर्माण की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी सीएंडडीएस को सौंपी गई थी। जबकि इमिलिया व टेढ़ा में निर्माण की जिम्मेदारी फैक्सपैड को मिली है। जिसमें कुरारा व टेढ़ा का काम अंतिम दौर में है। जबकि इमिलिया व कैथी के मॉडल स्कूल कार्य की अभी शुरूआत हुई है।
इन विद्यालयों का निर्माण कार्य 10 माह में पूरा किया जाना था। इसके अलावा शासन के निर्देशानुसार इन विद्यालयों में अप्रैल माह में शुरू होने वाले आगामी शिक्षणसत्र से पढ़ाई शुरू की जानी है। लेकिन निर्माण की धीमी गति के चलते यह होना संभव होता दिखाई नहीं दे रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा.चंद्रशेखर मालवीय ने कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी ने पिछले सप्ताह हुई समीक्षा बैठक में कार्यदाई संस्थाओं को निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की हिदायत दी है।
कुरारा व टेढ़ा के विद्यालय के निर्माण कार्य को 15 जनवरी तक हरहाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा समय समय पर इसकी गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है। साथ ही तय समय पर विद्यालय संचालित करने के पूरे प्रयास किए जा रहे है।