करीब पांच साल पहले सुमेरपुर थानाक्षेत्र के सुरौली गांव में जिला बदर आरोपी के प्राणघातक हमला करने के मामले की सुनवाई मंगलवार को अदालत में हुई।
चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने दोषी को दो साल की सजा सुनाते हुए 14 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। शासकीय अधिवक्ता शैलोज स्वरूप चौरसिया ने बताया कि सुरौली गांव निवासी नारायन सिंह, लालजी उर्फ महेंद्र व कपिल सिंह गांव निवासी छत्रपाल सिंह को एक तमंचा,
दो जिंदा कारतूस व एक खाली कारतूस के साथ सुमेरपुर थाना ले गए थे। थाने में बताया कि छत्रपाल सिंह बाइक से आया और तमंचा लेकर दबंगई दिखाते हुए फायर कर दिया। नारायण सिंह बाल बाल बचा।
पुलिस ने छत्रपाल को 307 दफा 25 में जेल भेज दिया। विवेचना के दौरान डीएम ने आरोपी को गुंडा एक्ट में जिला बदर किया था। पुलिस ने आरोपी पर 10 गुंडा एक्ट में कायम कर दिया।
तीनों मुकदमे की चार्जशीट न्यायालय में आई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 307 में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने आरोपी छत्रपाल को दफा 25 व 10 गुंडा एक्ट में दो साल की सजा सुनाई और 14 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
गुंडा एक्ट में युवक को दो साल की सजा