मौदहा (हमीरपुर)। अमरनाथ यात्रा में परिवार के साथ सफाई कार्य करने गए मां व बेटे की आठ जून को बादल फटने से मौत हो गई। तलाश में जुटे परिजनों को बुलाकर जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शवों की शिनाख्त कराई। मां व बेटे की मौत पर परिवार में मातम छा गया।
अमरनाथ यात्रा में सफाई कार्य करने के लिए बांदा के बिसरा गांव निवासी ठेकेदार राकेश के माध्यम से नायकपुरवा गांव निवासी महेश की पत्नी राजकुमारी (42), बड़े बेटे अर्जुन, मझले बेटे अरविंद (22) व छोटे बेटे विशाल के साथ गए थे। गांव निवासी उसके परिवार से सात व गांव इचौली से एक व्यक्ति 14 जून को अमरनाथ गए और 17 जून से काम शुरू कर दिया था। शुक्रवार को काम करने के बाद अमरनाथ गुफा से 10-12 किमी दूर स्थित शिविर में सभी लोग आराम कर रहे थे। तभी देर शाम अचानक बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में उनका शिविर आ गया। इसमें अरविंद व राजकुमारी बह गए। इसके बाद महेश व अन्य परिजन उनकी तलाश में जुटे थे।
शनिवार को जम्मू प्रशासन ने मलबे में बरामद शवों की शिनाख्त के लिए परिजनों को बुलाया। महेश ने पत्नी व बेटे के शवों की पहचान की। इसके बाद रविवार को घटना की जानकारी घर में दी। महेश के बड़े भाई नेकराम ने बताया कि श्रीनगर स्थित मुक्तिधाम में ही शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दी है।