हमीरपुर। मुख्यालय में करीब 26 वर्ष पूर्व हुए सामूहिक हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जिला कारागार में निरुद्घ सभी आठ सजायाफ्ता को शासन स्तर से यहां से हटाकर शनिवार की शाम बरेली, फतेहगढ़, प्रयागराज नैनी व बनारस की सेंट्रल जेलों में पुलिस वाहनों से भेजा गया। मामले में सजायाफ्ता पूर्व विधायक अशोक चंदेल को आगरा व आशुतोष सिंह को पहले ही फतेहगढ़ की सेंट्रल जेलों में भेजा जा चुका है।
पिछले 26 जनवरी 1997 को मुख्यालय के सुभाष बाजार स्थित नसीम बंदूक वाले की दुकान की सामने हुई गोलीबारी में राकेश शुक्ला, राजेश शुक्ला, वेदनायक, श्रीकांत व अंबुज की मौत हुई थी। मामले में मृतक राकेश शुक्ला के भाई राजीव शुक्ला व एक अन्य घायल हुए थे। वादी राजीव शुक्ला की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व भाजपा विधायक अशोक चंदेल समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। निचली अदालत से मुकदमा बरी होने के बाद सभी आरोपी बरी हो गए थे, जबकि एक आरोपी रुक्कू ने बाद में अदालत में समर्पण किया।
जिस पर उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इधर वादी द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में निचली अदालत के खिलाफ याचिका दायर की गई। जिसमें लंबी सुनवाई के बाद पिछले 19 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। आदेश के बाद सभी आरोपियों ने अदालत में समर्पण किया। जहां से सभी जिला कारागार में निरुद्घ कराया गया। इसके बाद वादी राजीव शुक्ला ने अपनी जानमाल का खतरा बताते हुए सभी सजायाफ्ता बंदियों को जिले से बाहर भेजे जाने की शासन स्तर पर पैरवी की।
जिस पर अशोक चंदेल व आशुतोष सिंह को जुलाई में आगरा व फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया। इधर शनिवार को शासन से आए आदेश के बाद सजायाफ्ता बंदी रुक्कू, श्याम सिंह को बरेली सेंट्रल जेल, प्रदीप सिंह व भान सिंह को फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया। जबकि रघुवीर सिंह व नसीम खां को बनारस व उत्तम सिंह, साहब सिंह को नैनी सेंट्रल जेल अलग अलग पुलिस वाहन से पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया।