हमीरपुर। चार वर्ष पहले प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने की आरोपी पत्नी की जमानत याचिका का कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले में अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जी प्रसाद की अदालत में दूसरी बार अर्जी डाली गई थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीराम बुंदेला ने बताया कि थानाक्षेत्र मौदहा के सिजवाही गांव निवासी रामबाबू ने तीन अक्तूबर 2017 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया कि उनकी भाभी उम्मी उर्फ उमादेवी के प्रेम संबंध गांव के मुन्ना सिंह उर्फ झंडीलाल से थे। जानकारी होने पर उनके भाई रामबालक ने विरोध किया तो उसकी पत्नी और उग्र हो गई। प्रेमी मुन्ना सिंह के साथ साजिश रचकर 29 सितंबर 2017 की दोपहर दोपहर घर में पति पर कुल्हाड़ी से कई वार कर हत्या कर दी थी।
रामबालक के चिल्लाने पर पड़ोसियों के साथ दरवाजा खुलवाया तो घर में आरोपी पत्नी व मुन्ना सिंह मौजूद थे। 29 सितंबर 2017 को करीब साढ़े चार बजे उनकी भाभी ने ही प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा आत्महत्या करने की बात कही थी। भाभी ने कहा था पति शराब पीकर उसे गाली गलौज कर रहा था। आंगन में उसे कुल्हाड़ी लेकर मारने दौड़ा तो वह जान बचाकर कमरे के अंदर घुस गई और कुंडी बंद कर ली थी। तब वह चिल्लाता रहा कि कुंडी नहीं खोलने पर वह खुद मार लेगा। इसके बाद आत्महत्या कर ली थी।