आदर्श आचार संहिता लागू होते ही सार्वजनिक स्थानों पर लगे बैनर होर्डिग्ंस हटवाने का अभियान तेज हो गया है। बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में लगीं प्रदेश सरकार के विकास संबंधी योजनाओं की बड़ी-बड़ी होर्डिग्ंस हटवाने के साथ वाहनों पर लगे पार्टियों के झंडे भी उतरवाए गए। आचार संहिता लगते ही प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस ने अपनी
कार्रवाई में तेजी लानी शुरू कर दी है। हालांकि इसके पूर्व भी जिले के विभिन्न कस्बों में लगी राजनीतिक दलों की होर्डिंग्स हटाई जा चुकी हैं। पर, बुधवार की दोपहर 12 बजे विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान होते ही पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर लगी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रचार सामग्री को हटाने का कार्य शुरू किया। कोतवाल प्रमेंद्र
कुमार सिंह, एसएसआई चंचल यादव ने पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर हाइवे में रानी लक्ष्मीबाई तिराहा, बस स्टैंड, कलक्ट्रेट के पास लगी होर्डिग्स को हटवा दिए। अभियान के दौरान
विधानसभा चुनाव में आचार संहिता लगते ही इसका असर सड़को पर साफ दिखने लगा। विभिन्न दलों के नेताओं की बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स उतराने के लिए स्थानीय पुलिस व नगर
पालिका के कर्मी दोपहर बाद से ही जुट गए। बुधवार को दिन के 12 बजे जैसे ही चुनाव आचार संहिता की घोषणा की गई। तभी राजनीतिक दलो के लोगों में अफरा तफरी मच गई। वहीं प्रशासन ने अपना दायित्व निभाना शुरू कर दिया। कोतवाल अनिल सिंह ने पुलिस टीम के साथ नगर पालिका परिषद की मशीन और कर्मचारियों के साथ सड़क पर लगे बड़ी-बड़ी
होर्डिंग्स उतारकर ले गए। इससे आम आदमी ने आचार संहिता के तत्काल अमल में लाने का असर देखा गया। यह अभियान थाना चौराहा से तहसील मार्ग, मलीकुंआ चौराहा, गांधी विद्यालय मार्ग, बस स्टैंड व बड़े चौराहे तक पहुंच गया। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों के साथ कस्बे के सार्वजनिक स्थानों पर लगे नेताओं के बैनर पोस्टर उतरवाए। नवागंतुक
सीओ विवेकानंद तिवारी, कोतवाल एके सिंह और नगर पालिका प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सार्वजनिक स्थानों पर लगे नेताओं के बैनर पोस्टर उतारने का काम शुरू कर दिया। कोतवाली के सामने, पड़ाव चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, रामलीला मैदान, रानीगेट, कोटबाजार आदि स्थानों पर पहुंचे और बैनर-पोस्टर उतारे।