सरीला/भरुआसुमेरपुर। बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं। पेयजल योजनाएं व उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। बमुश्किल 12 से 13 घंटे ही बिजली मिल रही है।
कस्बे के रामसेवक सिंह, मुकेश, महेंद्र, राम सिंह, हरनारायण, रविंद्र सिंह का कहना है कि सबसे ज्यादा कटौती रात में हो रही है। लोग चिड़चिड़ेपन का शिकार हो रहे हैं। पानी का संकट झेलना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी ऊपर से कटौती होने की बात कहकर हाथ खड़े कर रहे हैं। उधर, क्षेत्र के जलालपुर, बंगरा, ममना, बीलपुर छिबौली गांव में बिजली कटौती से पेयजल का संकट और गहराता जा रहा है। लोग पानी के लिए दिन-रात परेशान रहते हैं। पाइप लाइनों में मोटर जोड़ कर बिजली का घंटों इंतजार करते हैं। एसडीओ शिवेंद्र कुमार का कहना है कि मौजूदा समय में आठ घंटे की कटौती हो रही है।
उधर, भरुआसुमेरपुर में बुधवार को शाम सात बजे से गायब हुई बिजली रात को 12 बजे आई। दो घंटे रहने के बाद रात दो बजे फिर गायब हो गई। इसके बाद सुबह चार बजे आई। गुरुवार को कई घंटे की कटौती से लोग बेचैन नजर आए। नेहा चौराहा में रखा विद्युत ट्रांसफार्मर बुधवार को फुंक गया। डॉ. नरेश शर्मा, अर्थिल सोनी, लाला भैया गुप्ता ने बताया कि बिजली कटौती से व्यापार पर बुरा असर पड़ा रहा है। सर्वाधिक परेशानी रोजेदारों को हो रही है। विद्युत वितरण उपखंड के एसडीओ आलमगीर अंसारी ने बताया कि आपूर्ति 132 केवी से गड़बड़ रहती है। उनके सब स्टेशन से अघोषित कटौती का कोई संबंध नहीं है। खराब ट्रांसफार्मर शुक्रवार को बदल दिए जाएंगे।