राठ। क्षेत्र के हरसुंडी गांव में बारिश से तीन कच्चे मकान गिर गए। वहीं बरुआ गांव में एक मकान गिरा है। मकान में रखा गृहस्थी का सामान खराब हो गया। सूचना के बावजूद लेखपाल ने मौका मुआयना नहीं किया। हरसुंडी गांव निवासी हरीसिंह ने बताया उनके पिता के नाम पर 18 बीघा जमीन है। जिस पर खेती व मजदूरी करते हैं। उनके छोटे भाई निर्दोष भी मजदूरी करते हैं। पूरा परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश के चलते मकान गिरने से रखा सामान खराब हो गया है। महेंद्र ने बताया दिल्ली में पेंटिंग का काम करते हैं। दो दिन पूर्व उनका मकान गिर गया है।
वहीं गांव के ही रामराज विश्वकर्मा ने बताया लोहे के औजार बनाते हैं। बारिश में उनका भी मकान गिर गया। अब उनके पास सिर छिपाने के लिए कोई जगह नहीं बची है। पीड़ितों ने बताया लेखपाल को फोन पर जानकारी दी थी। लेकिन अभी तक मौका मुआयना नहीं किया है। वहीं मझगवां थाने के बरुआ गांव निवासी मुन्ना ने बताया वह तीन भाई एक कच्चे मकान में रहते थे। शुक्रवार रात बारिश से मकान गिर गया था। वह तिरपाल के नीचे सिर छुपाने को मजबूर हैं। (संवाद)