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100 फीसदी नुकसान पर 25 फीसदी क्षतिपूर्ति

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हमीरपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को आकर्षित करने में फिसड्डी साबित हो रही है। क्षतिपूर्ति के नाम पर किसानों को गुमराह किया जा रहा है। सौ फीसदी फसल नुकसान पर 25 फीसदी क्षतिपूर्ति देकर किसानों को छला जा रहा है। जिससे किसानों में फसल बीमा योजना के प्रति आक्रोश है। जबकि करोड़ों रुपये बीमा कंपनी डकार रही है। वर्ष 2019-20 खरीफ सीजन में कुल 37 हजार 305 किसानों ने 49 हजार 741 हेक्टेयर क्षेत्रफल का फसल बीमा कराया था। जिसमें बीमा कंपनी ने प्रीमियम के रूप में एक करोड़ 73 लाख 63 हजार 35 रुपये जमा कराए। वहीं क्षतिपूर्ति के नाम पर 19 लाख 45 हजार 291 रुपये किसानों को देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। जिससे किसानों में नाराजगी है। इसके बाद बीमा कंपनियों से विश्वास टूट गया।
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विकासखंड सुमेरपुर के पत्योरा गांव निवासी किसान करन सिंह ने बताया बेटे के कहने पर करीब साढ़े 6 हेक्टेयर तिल की फसल का खरीफ सीजन 2019-20 में व्यक्तिगत तौर पर फसल बीमा कराया था। जिसमें करीब 2700 रुपये बीमा प्रीमियम जमा किया था। जलभराव व अत्यधिक बारिश से पूरी फसल बर्बाद हो गई थी। मगर 13 हजार रुपये क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी ने दिया है।
किसान जयवीर सिंह ने बताया हर वर्ष बीमा कंपनी करोड़ों रुपये प्रीमियम के रूप में जमा कराती है और क्षतिपूर्ति के नाम पर कुछ किसानों को दस से बीस लाख देकर अपना पल्ला झाड़ लेती हैं। उन्होंने दो हेक्टेयर तिल की फसल का बीमा कराया था। अतिवृष्टि से पूरी फसल नष्ट हो गई थी। जिसका 72 घंटे के अंदर दावा किया था। मगर करीब 14 हजार क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी ने भेजा है।
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किसान श्रीचंद्र द्विवेदी ने बताया आर्यावर्त बैंक देवगांव से साढ़े तीन लाख का बैंक केसीसी बनवाया था। जिसमें करीब साढ़े चार हेक्टेयर जमीन बंधक है। बैंक ने बीमा प्रीमियम भी काटा था। बताया पूरी तिल की फसल अधिक बारिश बर्बाद हो गई। लेकिन सौ फीसदी नुकसान होने पर 25 फीसदी क्षतिपूर्ति यूनाइटेड इंश्योरेंस बीमा कंपनी ने किया है। यह गलत है। अब कोर्ट की शरण में जाएंगे।
किसान विजय कुमार पांडेय ने बताया बीते साल रबी सीजन में बीमा कराया था। जिसका बीमा कंपनी को दावा भी किया था। लेकिन अभी तक फसल की क्षतिपूर्ति नहीं मिली है। जबकि कृषि अधिकारी बार-बार दोबारा कागजात भेजने की बात कह रहे हैं और आश्वासन देते हैं कि जल्द ही क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी। खरीफ सीजन में बीमा नहीं कराया है। किसानों का शोषण किया जा रहा है।
वर्ष 2019-20 खरीफ सीजन में कुल 37305 किसानों ने फसल बीमा कराया था। जिनका कुल प्रीमियम एक करोड़ 73 लाख 63 हजार बीमा कंपनी ने जमा कराया। जिसमें 291 किसानों को 19 लाख 45 हजार की क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी ने किया है। बताया व्यक्तिगत दावों में नुकसान का 50 फीसदी क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी किसान को देती है। जिस पर पहले अधिकतम 25 फीसदी तक ही क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी भुगतान करती है। ग्राम पंचायत स्तर पर अगर नुकसान अधिक होता है तो उसी आधार पर जो भी शेष किसान का बनता है। वह बीमा कंपनी बाद में भुगतान करेगी। अगर किसी किसान को नुकसान के सापेक्ष क्षतिपूर्ति कम मिली है तो वह अपनी शिकायत कर सकते हैं। जिसकी दोबारा जांच करा ली जाएगी। - डा. सरस कुमार तिवारी, जिला कृषि अधिकारी
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