हमीरपुर। शहरों की तर्ज पर अब गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। मंडल की 422 ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए शासन ने 16.03 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी कर दी है।
प्रत्येक पुस्तकालय पर चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे प्रतिभाओं को गांवों में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिल सकेगा। साथ ही युवा, बच्चों और बुजुर्गों को एक ही स्थान पर ज्ञान का खजाना उपलब्ध होगा।
मंडल के चारों जनपदों बांदा 469, चित्रकूट 330, महोबा 273 और हमीरपुर 330 कुल 24 ब्लॉकों में 1402 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें पहले चरण में 422 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना के लिए शासन ने मंजूरी दी है। चयनित प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, इंटरनेट, फर्नीचर समेत अन्य सुविधाओं पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह काम जिला पंचायत राज विभाग से कराया जाएगा। इन 422 लाइब्रेरी की स्थापना के लिए शासन स्तर से 16 करोड़ तीन लाख 60 हजार रुपये जारी कर दिए गए हैं। डिजिटल लाइब्रेरी में विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
मिलेंगी पुस्तकें व समाचार पत्र
बच्चों के लिए बाल साहित्य, चित्र पुस्तकें और इंटरएक्टिव लर्निंग एप्स होंगे, जो उनकी रुचि के अनुसार सीखने में मदद करेंगे। वहीं, वृद्धजनों के लिए भी समाचार पत्रों, धार्मिक ग्रंथों व ऑडियो बुक्स की सुविधा होगी। वे भी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ सकेंगे। इस पहल से गांव के छात्रों, बेरोजगार युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों को एक ही स्थान पर ज्ञान का खजाना मिलेगा। इससे ग्रामीण समाज को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा।
अभिभावकों का खर्च होगा कम
ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय के बनने से युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बिना किसी खर्च के उन्हें पढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे अभिभावकों की जेब पर हर माह होने वाले खर्च की भी बचत होगी।
इस तरह खर्च की जाएगी धनराशि
-किताबें - दो लाख रुपये।
-फर्नीचर - 70 हजार।
-कंप्यूटर एवं आईटी उपकरण - 1.30 लाख रुपये।
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पहले चरण में इन जिलों पर खुलेंगे पुस्तकालय
जनपद - ग्राम पंचायत - धनराशि (करोड़ में)
बांदा - 117 - 4,44,60000
चित्रकूट - 93 - 3,53,40000
हमीरपुर - 127 - 4,82,60000
महोबा - 85 - 3,23,00000
पहले चरण में मंडल की 422 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। नए साल से युवाओं व बेरोजगार छात्रों सहित बुजुर्गों को उनके गांव में ही ज्ञान का खजाना उपलब्ध होगा। पुस्तकालय स्थापित करने के लिए काम शुरू करा दिया गया है।
- परवेज आलम, उप निदेशक पंचायती राज मंडल बांदा।