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मवेशियों ने पांच बीघे मूंग व उड़द की फसल चट की

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कुरारा। अन्ना मवेशी किसानों की फसल के लिए आफत बने हैं। भैंसापाली गांव में दो किसानों की पांच बीघा मूंग व उड़द की फसल मवेशी चट कर गए। जिससे किसानों में नाराजगी है।
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ग्राम पंचायतों में संचालित अन्ना पशुओं को गोशाला में नहीं बंद किया जा रहा है। किसान रात-दिन खेतों में ही झोपड़ी बनाकर रखवाली करने में जुटे हैं। भैंसापाली के किसान अरविंद कुमार ने बताया सिद्धगोपाल की दो बीघे उड़द फसल व हरिप्रसाद की तीन बीघा मूंग फसल अन्ना मवेशी चटकर गए हैं। किसान अपने परिवार के भरणपोषण को लेकर परेशान हैं। जल्ला के किसान बृजभान ने बताया बटाई में 20 बीघे में तिल की फसल बोई थी।
लेकिन जलभराव में नष्ट हो गई। जो बची है उसे अन्ना पशु नष्ट कर रहे हैं। इस मामले में पशुचिकित्साधिकारी डा. अभिताभ सचान का कहा है अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में बंद करा दिया गया है। कहा पशुपालक मवेशियों को छोड़ रहे हैं जो फसलों को नष्ट कर रहे हैं। कहा रविवार को सभी गांवों में मुनादी कराकर मवेशियों को नहीं छोड़ने को कहा है। किसानों ने जिलाधिकारी से अन्ना पशुओं को गोशाला में बंद करवाने की मांग की है।
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किसान दिन-रात करते खेतों की रखवाली
सरीला। अन्ना पशुओं पर अंकुश न लग पाने के कारण अन्ना घूम रहे मवेशी किसानों की मेहनत बर्बाद कर रहे हैं। जरा सी चूक से पूरी फसल सफाचट हो जाती है। किसानों ने अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में बंद कराने की मांग की है। जगह-जगह अन्ना मवेशियों के झुंड नजर आते हैं। शासन व प्रशासन के अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में रखने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। चंडौत गांव के मेला मैदान में बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी एकत्र होते हैं। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए रात-दिन खेतों में झोपड़ी बनाकर फसलों की रखवाली में लगे हैं। चंडौत गांव निवासी वीरेंद्र लोधी, सुभाष, रामहेत, हरिमोहन, राजू, प्रदीप, रामसिंह ने बताया दिन-रात खेतों की रखवाली करने बाद भी मवेशी फसलों को चट कर जाते हैं। ग्राम प्रधानों से मवेशियों को गोशाला में बंद कराने की मांग करते हैं। लेकिन सचिव व ग्राम प्रधान कोई कार्रवाई नहीं करते। (संवाद)
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