गोहांड (हमीरपुर)। राजकीय कृषि बीज गोदाम में मटर का बीज होने के बाद भी विक्रय न करने पर किसानों ने जमकर बवाल किया। फिर भी उन्हें खाली हाथ निराश होकर घर जाना पड़ा। गोदाम प्रभारी ने बीज विक्रय न किए जाने को उच्चाधिकारियों का आदेश बताया है।
क्षेत्र में रबी की फसलों में दलहनी जिंस अधिक बोई जाती है। बीज गोदाम में मौजूद किसान छत्रपाल, हर प्रसाद बड़ा खरका, उदल, रामप्रकाश गोहांड, बाबूराम छत्रपाल बीरा, रामप्रसाद, रामकुमार इटैलियाबाजा ने बताया कि यहां की प्रमुख फसल मटर है। पिछले साल अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों के कारण मटर का बीज नहीं रख पाए। लिहाजा वह इस वर्ष बीज के लिए पूरी तरह से बीज भंडारों के भरोसे हैं। स्थानीय राजकीय बीज भंडार में पिछले मंगलवार को 94 क्विंटल सरकारी मटर का बीज आने की खबर की भनक लगते ही दर्जनों किसानों का बीज भंडार पर हुजूम लग गया। परंतु गोदाम प्रभारी आर.के. राठौर ने उच्चाधिकारियों का हवाला देते हुए बीज विक्रय न करने की असमर्थता व्यक्त की। जिसे लेकर नाराज किसानों ने प्रभारी को अनर्गल अपशब्द कहे। जोरदार कहासुनी होने पर प्रभारी ने गोदाम बंद करने की बात भी कही। अंत में अधिकारियों की मनमानी के चलते किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों ने बताया कि उनके खेत बगैर बीज के बुआई के लिए खाली तैयार पड़े हैं। वहीं जिला कृषि अधिकारी अभय राज सिंह ने फोन पर बताया कि 94 क्विंटल मटर के बीज में 80 क्विंटल प्रदर्शन का है। जिसे बडे़ बरा गांव के किसानों को वितरित किया जाना है। शेष 14 क्विंटल बीज प्राथमिकता बतौर राठ बीज गोदाम भेजना है। जबकि किसानों का आरोप है कि रात में 200 क्विंटल बीज पहले ही वितरित किया जा चुका है। गोहांड में एक भी क्विंटल बीज अभी तक नहीं आया। उन्होंने गोहांड बीज भंडार की उपेक्षा की बात भी कही।