हमीरपुर। फसलों में डाली जाने वाली रसायनिक खादों के रेट में इजाफा हुआ है। अभी तक 311 रुपये प्रति बोरी मिलने वाली यूरिया खाद अब गोदामों से 334 रुपये में मिलेगी। इसी तरह डीएपी के दाम में प्रति बोरी 30 रुपये बढ़ोतरी हुई है।
जिले में खरीफ अभियान में किसान उर्वरक का इस्तेमाल कम करते हैं। वहीं रबी अभियान में दलहन, तिलहन और गेहूं की फसल में डीएपी का जमकर इस्तेमाल किया जाता है। खरीफ में आने वाला उर्वरक भी रबी अभियान में ही फसलों की बुआई पर काम आता है। उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने बताया कि खरीफ अभियान में उनके गोदामों पर पर्याप्त उर्वरक का स्टॉक है। कहा कि इस अभियान का कुल लक्ष्य 9200 एमटी खाद का है। मौजूदा समय में यूरिया 2419 टन का स्टॉक है। वहीं डीएपी 3700 टन व पोटाश एक टन है। बताया कि अभी तक 6175 टन खाद की उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि शासन से आए प्रमुख सचिव देवाशीष पंडा के पत्र के अनुसार खाद के रेटों का निर्धारण हुआ है। इसमें अभी तक 311 रुपये प्रति बोरी बिकने वाली यूरिया के दाम अब 334 रुपये कर दिए गए हैं। इसी तरह डीएपी क ा रेट 1100 रुपये प्रति बोरी से बढ़कर 1130 रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि एनपीके 12:32:16 प्रति बोरी का रेट 1053.50 रुपये, एनपीके 20:20:13 प्रति बोरी 923 रुपये, एनपीके 10:26:26 प्रति बोरी 1048 रुपये व एमओपी प्रति बोरी 800 रुपये रेट पर किसानों को बेची जाएगी। प्रमुख सचिव के पत्र के मुताबिक उर्वरक व्यवसायी कृत्रिम अभाव पैदाकर कालाबाजारी करने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में छापामार कार्रवाई कर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कालाबाजारी करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही यह भी कहा है कि उर्वरक विक्रय केंद्रों पर व्यवसायी के पास पंजिका में स्टाक दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करें और खाद लेने वाले किसानों को कैशमेमो भी उपलब्ध कराई जाए।