हमीरपुर। जनपद में पिछले दो सालों में पराली जलाने के 56 मामले दर्ज किए गए। किसानों से इसको लेकर जुर्माना वसूला गया। प्रदेश सरकार की ओर से दर्ज मुकदमे वापस किए जाने की कार्रवाई भी कर दी गई है। इधर केंद्र सरकार के कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने पराली जलाना अपराध की श्रेणी से बाहर करने की घोषणा की है।
जनपद में धान की फसल का रकबा पिछले सालों की अपेक्षा घट गया है। इसके पीछे धान की रोपाई करने वाले किसानों को तमाम झंझावातों से जूझना पड़ रहा है। पिछले दो सालों में धान पैदा करने वाले 56 किसानों को पराली जलाने पर प्रशासनिक मुकदमों से गुजरना पड़ा है। इस बार खरीफ अभियान में बमुश्किल 3200 हेक्टेयर जमीन पर किसानों ने धान फसल की रोपाई की है। उप कृषि निदेशक डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया कि गत वर्ष 2019-20 में 46 व वर्ष 2020-21 में 10 घटनाएं हुईं थी। जबकि वर्तमान वर्ष में एक भी घटना नहीं हुई है। बताया कि किसानों पर दर्ज मुकदमे पहले ही संज्ञेय अपराध की श्रेणी में नहीं माने गए हैं। इस मामले में भाकियू के बुंदेलखंड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगवानदास दीक्षित ने कहा पराली जलाने को अपराध की श्रेणी में नहीं लाना चाहिए। कहा शहरी क्षेत्र में पालीथिन जलाई जा रही है। इस पर रोक लगे। उन्होंने सरकार के निर्णय को अच्छा बताया।