हमीरपुर। इस भीषण गर्मी में लोगों के हलक सूख रहे हैं। शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए लगे कुल 413 हैंडपंपों के सापेक्ष 50 फीसदी से अधिक खराब पड़े हैं अथवा गंदा पानी दे रहे हैं। चिलचिलाती धूप में लोगों को गला तर करने के लिए पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
शहर की करीब 70 हजार आबादी के बीच कुल 413 हैंडपंप जल निगम ने लगवा रखे हैं। इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी जल संस्थान की है। वहीं, रीबोर व नए हैंडपंप लगाए जाने की जिम्मेदारी जल निगम की है। इनमें 39 हैंडपंप वर्षों से रीबोर के इंतजार में हैं। इनके अलावा सैकड़ों हैंडपंप मरम्मत की बाट जोह रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सोमवार दोपहर इनकी पड़ताल की तो शहर की पेयजल व्यवस्था का सच सामने आया।
टीम को हमीरपुर-कालपी मुख्य मार्ग पर रहुनियां धर्मशाला मोहल्ला स्थिति सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर के सामने लगा हैंडपंप वर्षों से ठप पड़ा मिला। नौबस्ता मोहल्ला सड़क किनारे लगा हैंडपंप दो सालों से बंद मिला। इसका प्लेटफार्म गायब है। हैंडपंप का कुछ भाग ही ऊपर शेष बचा है। आधा हैंडपंप जमीन में धंसा मिला। इनके अलावा सीएमओ कार्यालय के बाहर लगा हैंडपंप भी चार साल से रीबोर की बाट जोह रहा है। सुभाष बाजार स्थित भारत गैस एजेंसी के पास लगा हैंडपंप भी गंदगी के बीच पड़े मरम्मत का इंतजार कर रहा है। वहीं, शहर के विद्यामंदिर इंटर कॉलेज के सामने लगा हैंडपंप वर्षों से ठप पड़ा है। इसके चबूतरे का नामोनिशान तक मिट गया है।
फोटो 25 एचएएमपी 28- फज्जू। संवाद
निर्मल जल मिलना मुश्किल
शहर का निर्मल जल मिलना मुश्किल है। इसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। जिम्मेदार भी मुंह फेर कर निकल जाते हैं। - फज्जू, अमन शहीद।
फोटो 25 एचएएमपी 29- श्रीराम शर्मा। संवाद
तीन सालों से खराब पड़ा हैंडपंप
हमीरपुर-कालपी हाईवे किनारे उनके पिता ने मंदिर बनवाया था। मंदिर के ठीक सामने हैंडपंप भी लगा है, जो बीते तीन सालों से खराब पड़ा है। पेयजल की समस्या को देखते हुए उन्होंने चंदा करके जल संस्थान से कनेक्शन लेकर बगल में दूसरा नल लगवाया, लेकिन हैंडपंप आज तक सही नहीं कराया गया है। - श्रीराम शर्मा, रहुनियां धर्मशाला।
फोटो 25 एचएएमपी 30- भगवान दास। संवाद
कई बार हैंडपंप रीबोर की मांग की
दुकान के सामने लगा हैंडपंप बीते दो सालों से ठप है। रीबोर कराए जाने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।- भगवान दास, दुकानदार नौबस्ता।
शहर में 1,500 लीटर से अधिक पानी की खपत
बिसलेरी पानी एजेंसी संचालक सुभाष साहू ने बताया कि प्रतिदिन करीब 300-400 लीटर पानी बिक्री हो जाती है। बताया कि शहर भर में करीब छह से अधिक पानी कंपनियों का पानी बिक्री होता है। रोजाना 1,500 लीटर से अधिक पानी की खपत हो जाती है।
कोट्स
रीबोर व नए हैंडपंप लगाए जाने की जिम्मेदारी जल निगम की है। लेकिन, शासन स्तर से इसके लिए कोई बजट ही नहीं मिलता है। न तो नए हैंडपंप लग रहे हैं और न ही रीबोर हो रहे हैं। उनका विभाग हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य करता है। जहां से भी शिकायत मिलती है, उसे ठीक कराया जाता है।
राहुल सिंह, सहायक अभियंता जल संस्थान।
फोटो 25 एचएएमपी 25- शहर के सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर के सामने दो साल से ठप हैंडपंप दिखाता युवक
फोटो 25 एचएएमपी 25- शहर के सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर के सामने दो साल से ठप हैंडपंप दिखाता युवक
फोटो 25 एचएएमपी 25- शहर के सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर के सामने दो साल से ठप हैंडपंप दिखाता युवक
फोटो 25 एचएएमपी 25- शहर के सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर के सामने दो साल से ठप हैंडपंप दिखाता युवक
फोटो 25 एचएएमपी 25- शहर के सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर के सामने दो साल से ठप हैंडपंप दिखाता युवक