भरुआसुमेरपुर। कस्बे के युग चेतना महाविद्यालय की प्रबंध समिति को भंग कर नई समिति का चुनाव कराने के बाद महाविद्यालय में कब्जा जमाने की कोशिश करने वालों को हाईकोर्ट के आदेश ने करारा झटका दिया है। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद शुक्रवार को तय तिथि के बाद दूसरा पक्ष कालेज आने का साहस नहीं जुटा सका।
युग चेतना शिक्षण संस्थान मवईधाम फतेहपुर के अध्यक्ष स्वामी परमानंद महाराज ने सहायक निबंधक सोसायटी एंड चिट्स प्रयागराज को प्रार्थना पत्र देकर समिति की जनरल बॉडी की सूची की मांग की थी। जिस पर सहायक निबंधक ने पुरानी जनरल बॉडी की 19 सदस्यों की सूची अध्यक्ष को सौंप दी। इसके आधार पर स्वामी परमानंद कस्बे में संचालित युग चेतना महाविद्यालय की प्रबंध कार्यकारिणी का चुनाव 15 फरवरी को कराना चाहते थे। जिसे लेकर प्रबंधक स्वामी नित्यानंद महाराज ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सूची को चुनौती दी और चुनाव पर रोकने की मांग की। न्यायमूर्ति अजय भनोट ने याचिका की सुनवाई करते हुए सहायक रजिस्ट्रार को फटकार लगाते हुए कहा कि धारा 4 बी की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है और मनमाने तरीके से आदेश पारित किया गया है जो आधारहीन है। उन्होंने सहायक रजिस्ट्रार के 17 जनवरी 2019 के आदेश को खारिज करते हुए आठ बिंदुओं का फैसला सुनाया, जिसमें दोनों पक्षों को प्रक्रिया में सहयोग करने और 20 फरवरी को सहायक रजिस्टार के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने दस्तावेज व दावा पेश करेंगे। सहायक रजिस्ट्रार दोनों पक्षों से प्राप्त दावे आपत्तियों को बिंदुवार परीक्षण करने के बाद अपना विचार देंगे और दोनों पक्षों को सुनवाई का पूरा मौका देंगे। इसके पश्चात वैध आदेश पारित कर जनरल बॉडी के सदस्यों का निर्धारण करेंगे। न्यायमूर्ति ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सारी प्रक्रिया एक माह के अंदर पूर्ण होनी चाहिए और इसके तुरंत पश्चात चुनाव कराया जाए। इस फैसले से युग चेतना शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष स्वामी परमानंद जी को करारा झटका लगा है और उनका युग चेतना महाविद्यालय नजरपुर में कब्जा करने का मंसूबा अधूरा रह गया। महाविद्यालय के प्रबंधक स्वामी नित्यानंद महाराज ने बताया कि जून 2018 में प्रबंध कार्यकारिणी का चुनाव हो गया था। लेकिन किसी व्यक्ति ने उनके फर्जी हस्ताक्षर से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर चुनाव को निरस्त करा दिया था। इसके बाद समिति के अध्यक्ष स्वामी परमानंद ने सहायक रजिस्ट्रार प्रयागराज कार्यालय से सूची प्राप्त कर नए सिरे से चुनाव प्रक्रिया शुरू कराई थी, जिसको उन्होंने उच्च न्यायालय में चैलेंज किया था। जिस पर माननीय न्यायालय ने रोक लगा दी है। स्वामी परमानंद से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन कोई उत्तर नहीं मिल सका।
युग चेतना महाविद्यालय के चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
-समिति के अध्यक्ष स्वामी परमानंद को लगा करारा झटका