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विकलांग ने घर बैठे चुरा लिए 10 लाख!

Mon, 10 Jun 2013 12:01 PM IST
मुगलसराय/ चंदौली ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के कई बैंक एकाउंट हैक कर 10 लाख रुपए की ऑनलाइन शापिंग करने वाला हैकर पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।
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पकड़े गए युवक संतोष सिंह ने पुलिस को बताया कि एकाउंट को हैक करने के लिए उसने नया साफ्टवेयर बनाया हुआ है, जिसमें किसी के खाते में जाकर उसके पैसे से ऑनलाइन खरीदारी करता था।

बैंक एकाउंट हैक करने की शिकायत नगर के व्यापारी रामदेव सिंह ने की थी। डेढ़ माह पूर्व कोतवाली में दी तहरीर में उन्होंने कहा था कि उनके खाते से एक लाख रुपये से अधिक रकम किसी दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है।
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पुलिस जांच कर ही रही थी कि चार अन्य लोगों ने शिकायत की कि उनके खातों से लगभग 10 लाख रुपयों से खरीदारी करके रकम दूसरों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।

ऐसे हुआ खुलासा

कोतवाली प्रभारी रामप्रकट यादव ने बताया कि हैकर का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी सर्विलांस पर लगाया गया। तब उसकी लोकेशन सूरत में मिली। इसके बाद कोतवाली पुलिस की टीम सूरत जाकर संतोष सिंह को दबोच लिया।

संतोष विकलांग है और बिहार के कैमूर का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि एकाउंट हैक करके लैपटाप, मॉनीटर, प्रिंटर, मोबाइल, सोने का सिक्का और सोने के बिस्कुट की ऑनलाइन खरीदारी की और पता फर्जी देकर सामान खुद कुरियर आफिस से जाकर रिसीव किया।

खरीदे गए सामान को बाजार में बेच कर पैसा लेता था और इन पैसों से वह रेल यात्रा, हवाई यात्रा और ऑनलाइन होटल की बुकिंग करके ऐश करता था। उसने पटना के दो बैंकों में खाता खोल रखा है। पुलिस उसके अन्य एकाउंट का भी पता लगा रही है।

इस मामले में ऑनलाइन सोना बेचने वाले दिल्ली के एक ज्वेलर्स को पुलिस ने नोटिस जारी किया है कि 16 जून को आकर गवाही दे अथवा पैसा वापस करे


कोतवाली प्रभारी रामप्रकट यादव ने कहा कि साइबर क्राइम का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। पकड़ा गया हैकर संतोष सिंह जो सूरत से काम करता था। उसे जेल भेज दिया गया है और उसके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। कुछ पैसा वापस भी हो गया है।
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खाता हैक होने से ऐसे बचाएं
- ऑनलाइन रुपये ट्रांसफार्मर करने के बाद अपना पासवर्ड बदल दें
- आमतौर पर देखा जाता है कि ऑनलाइन शापिंग या रुपयों का ट्रांसफर करने के दौरान एकाउंट हैक होता है। इससे बचने के लिए खातेदार अपना एकाउंट नंबर सार्वजनिक न करें
- एटीएम पिन कोड किसी को न बताएं
- कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें
- साइबर कैफे में ट्रांजेक्शन करने के दौरान सावधानी बरतें, मसलन सीसीटीवी कैमरे में आपका पासवर्ड रिकार्ड न हो, विश्वसनीय कैफे हो
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