डोमिनगढ बंधे पर हो रहे रिसाव को रोकने का प्रयास करते लोग ।
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डोमिनगढ़ बंधे पर बने रेगुलेटर में लगातार तीसरे दिन रिसाव होने से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया है। बुधवार को सिंचाई विभाग बालू और मिट्टी से भरे बोरे डालकर रिसाव रोकने के प्रयास में लगा हुआ था। वहीं नगर निगम पंपिंग स्टेशन से शहर में आ रहे पानी को वापस राप्ती नदी में फेंक रहा है।
डोमिनगढ़ बंधे पर रेगुलेटर नंबर एक में लगातार तीन दिनों से रिसाव हो रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी हर रोज दावा करते हैं कि रिसाव बंद कर दिया गया है लेकिन अगले दिन फिर रिसाव शुरू हो जा रहा है, जिससे जफ र कालोनी, पिपरापुर और बहरामपुर मोहल्लों के लोग दहशत में आ गए हैं। हालांकि सिंचाई विभाग की टीम बुधवार सुबह ही मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचकर रिसाव बंद करने में जुट गई थी। देर रात तक मिट्टी और बालू से भरे बोरे डालने का काम चलता रहा।
विभाग के इंजीनियर रेगुलेटर पर प्लाई लगाकर रिसाव को रोकने का भी प्रयास कर चुके हैं लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। हालांकि देर रात अधिकारियों ने रिसाव रुकने का दावा किया है।
नगर निगम का बढ़ा खर्च
डोमिनगढ़ में नगर निगम के पंपिंग स्टेशन से नाले में आ रहा राप्ती का पानी लगातार नदी में फेंका जा रहा है। पंपिंग स्टेशन पर तैनात जेई अष्टभुजा सिंह ने बताया कि दो डीजल और दो इलेक्ट्रिक पंपिंग सेट लगातार 24 घंटे नालियों से पानी राप्ती में फेंक रहे हैं। फिलहाल खतरे को कोई बात नहीं है।
विधायक ने किया निरीक्षण
विधायक विजय बहादुर यादव ने बुधवार को डोमिनगढ़ बंधे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के एक्सईएन से बातकर जल्द रिसाव रोकने का निर्देश दिया। विधायक ने कहा कि विभागीय लापरवाही से शहरवासियों को किसी तरह की दिक्कत हुई, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।