लखनऊ जाने से रोके जाने पर प्रदर्शन करते भाजपाइयों को समझाती पुलिस।
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दयाशंकर सिंह मामले में ‘बेटी की सम्मान में भाजपा मैदान में’ का नारा लेकर लखनऊ में बसपा के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की बस को रोककर पुलिस के वापसी का दबाव बनाने पर बुधवार रात ट्रांसपोर्ट नगर चौकी पर हंगामेपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं में शामिल महिलाओं ने न सिर्फ पुलिस के खिलाफ हंगामा किया बल्कि नारेबाजी भी शुरू कर दी।
इसके चलते मौके पर महिला पुलिस भी बुलानी पड़ी। बस से बाहर आकर करीब 40 मिनट तक सड़क पर जमा रहे भाजपाई रोके जाने की वजह बताने की जिद करने लगे। पुलिस की तरफ से न कोई संतोषजनक जवाब दिया गया और न किसी को हिरासत में लिया गया लेकिन भाजपा के इस काफिले को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। पुलिस से नोकझोंक के बाद भाजपा टीम के सदस्य बस मौके पर ही छोड़कर तितर-बितर हो गए।
इस टीम में शामिल भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ला, पूर्व महानगर अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, पार्षद जितेंद्र सैनी, पार्षद पिंटू गौड़, सवर्ण पटेल आदि ने सपा शासन पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त करने और पुलिस पर सपा कार्यकर्ता की तरह रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि वहां से तितर-बितर होकर गोरखपुर के कार्यकर्ता अलग-अलग सामान्य वाहनों से लखनऊ रवाना हो गए, जबकि छोटे निजी वाहनों से शाम से ही कई टीम लखनऊ चली गई थीं।
बेतियाहाता पर विफल हो गई रोक
भाजपा कार्यकर्ताओं को लखनऊ जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बेतियाहाता चौराहे पर व्यवस्था की थी। बस रुकते ही भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बाहर आए और कुछ ने पुलिस को बातों में उलझाकर बाकी कार्यकर्ताओं के साथ बस आगे बढ़वा दी। इस जानकारी पर ट्रांसपोर्टनगर में ज्यादा फोर्स लगाकर रोकने की व्यवस्था की गई थी।