आरोपी शिक्षकों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की
परिषदीय विद्यालयों में जाली प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने वाले आरोपी शिक्षकों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को दो फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही संदिग्ध 15 शिक्षकों को निलंबित कर उनपर जांच बैठा दी गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद इन सभी 15 शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा।
बांसगांव ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बेदौली बाबू में तैनात मनोज कुमार और पाली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गोविंदपाली के शिक्षक राजेश कुमार मिश्र के खिलाफ जाली प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने की शिकायत मिली थी।
विभाग ने आरोपी शिक्षकों के दस्तावेज का सत्यापन शुरू कराया। मगर आरोपी शिक्षा विभाग में प्रस्तुत ही नहीं हो रहे थे। इसके बाद आरोपी शिक्षकों का सत्यापन संबंधित बोर्ड और महाविद्यालय से शुरू कराया गया। रिपोर्ट आने के बाद दोनों ही शिक्षक बर्खास्त कर दिए गए।
अब तक 44 बर्खास्त, 15 निलंबित
एसटीएफ की छापेमारी के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग को कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों की शिकायत लगातार मिल रही है। अब तक 44 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं 15 शिक्षकों को निलंबित कर जांच की जा रही है। कई शिक्षक अभी विभाग के रडार पर हैं।
ये हुए निलंबित
पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटना की रेखा, कौड़ीराम के सरताज अहमद, सरदारनगर के खैराबाद के ओम प्रकाश मिश्र और प्राथमिक विद्यालय जैती के सुनील कुमार यादव, खपड़हलवा की सत्या सिंह, महुआपार की मालती देवी, बुदहट के अरविंद प्रकाश द्विवेदी, जलार की वंदना पांडेय, कुशहरा की शिखारानी वर्मा, बड़िहारी की अरविंद कुमार प्रसाद, गंगवल के प्रभात कुमार, रानीपुर के रविंद्र कुमार गुप्ता, बाघनगर गोल्हई की सुनीता तिवारी, गोपीपुर के फूलचंद, जंगल डुमरी नंबर एक की प्रीति जायसवाल।