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साहब बताएं कि ट्रेन में कितनी शराब ले जा सकते हैं

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हमें बताएं, ट्रेन में कितनी बोतल ले जा सकते हैं शराब
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गोरखपुर। ट्रेन में सफर के दौरान एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश जाने में कितनी बोतल शराब साथ में ले जा सकते हैं। साथ में बिल जरूरी है या नहीं। दिल्ली के कृष्णा नगर कालोनी निवारी रवि कुमार द्वारा आरटीआई के जरिए मांगी इस सूचना का जवाब देने में रेल अफसरों को पसीना छूट रहा है। दो दिन की माथापच्ची के बाद अफसरों ने पाया है कि ऐसी कोई गाइड लाइन नहीं है। अब उन्हें सूझ नहंी रहा है कि जवाब में क्या लिखें।
रवि कुमार ने 31 मई को यह सूचना रेलवे से मांगी है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने पहले इसे आरपीएफ के पास भेजा। लेकिन जब कोई नियम नहीं मिला तो आरपीएफ ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद इसे वाणिज्य विभाग के पास भेजा गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इस पर नियमों की पड़ताल की, लेकिन सही जवाब नहीं खोज पाए। बुधवार को प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ने सभी अधिकारियों को बुलाकर विचार विमर्श किया। नियम में यह पाया गया कि एक यात्री अपने साथ 35 किलो लगेज ले जा सकता है। नशा व विस्फोटक सामग्री ही साथ ले जाने पर पाबंदी है। शराब को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं है। अलबत्ता शराब को लेकर यह दिशा निर्देश है कि अगर किसी यात्री के पास शराब की खुली बोतल मिलती है तो शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पर आरपीएफ चालान कर सकती है। लेकिन, बोतल बंद है तो कार्रवाई नहीं करेगी। बोतल की संख्या कितनी होगी, इस पर कोई नियम फिलहाल नहीं है। नियम में यह भी है कि अगर ट्रेन एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में जाती है तो टैक्स चोरी का मामला बन सकता है। आरपीएफ पकड़ कर जीआरपी को सौंपेगी और फिर आबकारी विभाग को सौंपेगी। लेकिन एक ही राज्य में ट्रेन जाती है तो कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी।
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ट्रेन में मैंने सेना के जवानों को शराब ले जाते और पीते देखा तो मुझे लगा कि ऐसी सूचना सार्वजनिक होनी चाहिए ताकि यात्री सजग रहें। उन्होंने बताया कि रेलवे का एक पत्र मिला है कि एक महीने में उन्हें सूचना दी जाएगी। रवि कुमार
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