33 फीसदी बढ़ी लेक व्यू की कास्टिंग, आवंटियों से वसूलने की तैयारी
अरुण चन्द
गोरखपुर। लोहिया एन्क्लेव (फेज एक) के बाद अब लेक व्यू अपार्टमेंट के आवंटियों को बड़ा झटका लगने जा रहा है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अफसरों की मनमानी और लापरवाही से इस अपार्टमेंट की कास्टिंग में 33 फीसदी की अप्रत्याशित वृद्धि हो गई है। प्राधिकरण इस बढ़े हुए खर्च की भरपाई आवंटियों से करने जा रहा है। प्रत्येक आवंटी से पांच से छह लाख रुपये तक की अतिरिक्त वसूली होगी।
तारामंडल के बगल में बन रहे आठ फ्लोर के इस अपार्टमेंट में कुल 192 फ्लैट हैं। इनमें 168 फ्लैट थ्री बीएचके और 24 टू बीएचके हैं। इनमें से 111 फ्लैटों का आवंटन हो चुका है। टू बीएचके के सिर्फ दो फ्लैट आवंटित होने शेष हैं। थ्री बीएचके फ्लैट की कीमत 46 लाख तो टू बीएचके वाले फ्लैट की कीमत 36 लाख रुपये तय की गई थी। आवंटन के बाद 2017 में जीडीए ने इसका निर्माण शुरू कराया था। मई 2020 में आवंटियों को कब्जा देना है। अपार्टमेंट का काम आखिरी चरण में है ऐसे में यह मुमकिन भी लग रहा है। निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो जाने के जीडीए के दावे के बाद भी कास्टिंग में 33 फीसदी की बढ़ोत्तरी होने से जीडीए के आला अफसर भी आश्चर्यचकित हैं। इससे पहले कास्टिंग बढ़ने का हवाला देकर ही प्राधिकरण ने लोहिया एन्क्लेव के भी 435 आवंटियों को दिसंबर 2018 में नोटिस जारी कर तीन लाख से पौने चार लाख रुपये तक अतिरिक्त शुल्क जमा करने को कहा था।
जीडीए उपाध्यक्ष करेंगे जांच, तय होगी जवाबदेही
लेक व्यू अपार्टमेंट की कास्टिंग में 33 फीसदी की बढ़ोत्तरी के बाद पूरे प्राधिकरण में खलबली मच गई है। प्राधिकरण के अध्यक्ष और कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जीडीए उपाध्यक्ष को मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं की जिम्मेदारी तय कर उनपर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पहले कार्रवाई तब आवंटियों से वसूली
जीडीए ने चोरी चुपके अपनी गलतियों को छिपाते हुए आवंटियों से वसूली शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी थी। मंगलवार (30 जुलाई) को हुई बोर्ड बैठक के एजेंडों में इसकी अनुमति के लिए भी प्रस्ताव रखा गया था। मगर जब यह प्रस्ताव कमिश्नर के सामने पहुंचा तो उन्होंने नाराजगी जताई। प्रकरण को गंभीर बताते हुए उन्होंने उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार को कास्टिंग में इतनी ज्यादा वृद्धि के लिए संबंधित की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया।
दस फीसदी से अधिक वृद्धि पर बोर्ड की अनुमति जरूरी
किसी भी आवासीय योजना के निर्माण की कास्टिंग में 10 फीसदी तक की वृद्धि सामान्य है। इसकी वसूली आवंटियों से करने का प्रावधान है। मगर दस फीसदी से अधिक वृद्धि होने पर बढ़ी हुई कास्टिंग की वसूली आवंटियों से करने के लिए जीडीए बोर्ड की अनुमति लेना जरूरी है। यही वजह रही कि प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को मंगलवार को हुई जीडीए बोर्ड की बैठक में रखा गया था।