परिवहन विभाग में रोड टैक्स चोरी का मामला प्रकाश में आ रहा है। हालांकि टैक्स चोरी कितनी हुई है, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा। दस लाख से ऊपर की गाड़ियों में टैक्स चोरी की शिकायत मिलने के बाद आरटीओ प्रवर्तन ने ऐसी 65 फाइलों को निकालने का आदेश दिया है ताकि जांच में सच्चाई का पता लगाया जा सके।
परिवहन विभाग में गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के समय दो तरीके से रोड टैक्स लिया जाता है। दस लाख से नीचे वाले वाहनों पर गाड़ी की कुल कीमत का आठ प्रतिशत टैक्स लगता है, जबकि दस लाख या इससे ऊपर की गाड़ियों पर वाहन स्वामी को दस प्रतिशत रोड टैक्स जमा करना पड़ता है। पिछले दिनों आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता को एक शिकायत पत्र मिला, जिसमें दस लाख या इससे ऊपर की गाड़ियों की कीमत कम दिखाकर रोड टैक्स चोरी करने की शिकायत की गई थी। इस मामले को आरटीओ प्रवर्तन ने गंभीरता से लिया और इसकी जांच शुरू करा दी। शिकायत कर्ता ने बताया था कि एक ही मॉडल की दो गाड़ियों का रोड टैक्स अलग-अलग लिया गया है। इसके बाद आरटीओ ने लिपिक से 65 फाइलों को निकालने का आदेश दिया है ताकि उनकी जांच कराई जा सके।
रोड टैक्स की चोरी हुई है या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि 65 फाइलों को जांच के लिए निकलवाने का आदेश दिया गया है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. एके गुप्ता, आरटीओ प्रवर्तन