गोरखपुर। भाकपा माले का तीसरा जिला सम्मेलन रविवार को कमिश्नर कोर्ट बार एसोसिएशन के सभागार में हुआ।
सम्मेलन में केंद्र और प्रदेश सरकार के गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान एवं महिला विरोधी नीतियों के संघर्ष छेड़ने की घोषणा की गई।
सम्मेलन में इंसेफेलाइटिस, एम्स, किसानों के फसलों की क्षतिपूर्ति, चीनी मिलों की बंदी, बुनकरों की बदहाली, वनटांगियों की हकदारी, आमी नदी के प्रदूषण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मनरेगा की विफलता, बढ़ते अपराध, गोरखपुर विश्वविद्यालय में दलित और ओबीसी शोध छात्रों की फेलोशिप रोके जाने सहित 17 मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ नेता हरिहर प्रसाद ने झंडा फहरा कर किया। जिला सचिव राजेश साहनी ने राजनीतिक व सांगठनिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस पर एक दर्जन से अधिक प्रतिनिधियों पर अपनी बात रखी।
पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद सेंट्रल कमेटी के सदस्य सुधाकर यादव ने कहा कि जनता से किए वादों को पूरा करने में पूरी तरह असफल रही मोदी सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर उतारू है। रोज लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले किए जा रहे हैं।
संचालन सुभाष पाल एडवोकेट, पीएन सिंह, जगदंबा और श्यामाचरण ने किया।