गोरखपुर। सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल जारी रहेगी। रविवार को हुई बैठक में कारोबारियों ने इस बाबत चर्चा की और साफ किया कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से हड़ताल खत्म करने का अभी कोई आदेश नहीं आया है।
ऐसे में व्यापारी पूर्व घोषित 11 अप्रैल तक की बंदी को समर्थन देते रहेंगे। पदाधिकारियों ने न सिर्फ बैठक कर एकजुटता प्रदर्शित की बल्कि जिन इलाकों में सुबह दुकानें खुल गई थीं, उन्हें भी बंद करा दिया।
उन्होंने फिर एलान किया कि जब तक एक्साइज ड्यूटी जैसा काला कानून सरकार वापस नहीं ले लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। व्यापारियाें ने सोमवार को घंटाघर से बाइक जुलूस निकालने का भी एलान किया।
रविवार की सुबह दिल्ली में सराफा कारोबारियों के आंदोलन समाप्ति की घोषणा के बाद जिले के कई इलाकों में व्यापारियों ने दुकानें खोल दी थीं, मगर जैसे ही इसकी जानकारी सर्राफा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को हुई, उन्होंने एकजुट होकर बाइक जुलूस निकालकर दुकानों को बंद करा दिया। उन्होंने कहा कि अभी तक हड़ताल खत्म करने का प्रदेश नेतृत्व की ओर से कोई निर्देश नहीं आया है।
उन्होंने होली न मनाने के अपने निर्णय पर अडिग रहने का भी एलान किया। पूर्वांचल सर्राफा समिति के केके वर्मा, शेषनाथ आदि पदाधिकारियों ने राप्ती कॉंपलैक्स में बंदी की बाबत चर्चा की, जबकि सर्राफा व्यापार मंडल के लोगों ने सर्राफा भवन में बैठक की।
यही से सभी जुलूस की शक्ल में निकले और विभिन्न इलाकों में जाकर दुकानें बंद कराईं। बैठक और जुलूस में मंडल अध्यक्ष शरद चंद अग्रहरि, अतुल सर्राफ, मदन वर्मा, राकेश वर्मा, जितेंद्र वर्मा, रुस्तमपुर सर्राफा व्यापार मंडल के मनोज कुमार वर्मा, पीडी जैन, चंदन, काशीनाथ आदि शामिल थे।