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पब्लिक स्कूलों पर छापा, नौ को नोटिस

Sat, 08 Apr 2017 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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स्‍कूूल - फोटो : demo
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फीस, ड्रेस, स्टेशनरी और कॉपी-किताब की बिक्री करने वाले पब्लिक स्कूलों पर शिकंजा कसना तेज हो गया है। शुक्रवार को वाणिज्य कर और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की टीम ने स्कूलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें कई गड़बड़ियां भी मिलीं।। तय रेट से अधिक दाम पर प्रॉस्पेक्टस बेचे जाने का मामला सामने आया है। इसी का नतीजा रहा कि नौ स्कूलों के प्रबंधक और उनसे संबंधित फर्मों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।  
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि यदि सही जवाब नहीं मिला तो स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की सिफारिश सीबीएसई, आईसीएसई से की जाएगी। ताबड़तोड़ छापेमारी से स्कूल प्रबंधन दहशतजदा हैं। इससे पहले वाणिज्य कर अफसरों ने नौ स्कूलों पर छापा मारा था। इसमें से छह को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने कर चोरी भी पकड़ी है।  
 800 रुपये में बेच रहे प्रॉस्पेक्टस
वाणिज्य कर विभाग के अफसरों ने शुक्रवार को हाल मार्क वर्ल्ड स्कूल गुलरिहा पर छापा मारा। 800 स्टूडेंट्स की क्षमता वाले इस स्कूल में महंगे दर प्रॉस्पेक्टस बेचने का मामला पकड़ा गया। गोलघर के सर्वश्री विद्यार्थी केंद्र से कॉपी, किताब बिक्री कराने का मामला पकड़ा गया। लिटिल फ्लावर स्कूल में भी प्रॉस्पेक्टस 800 रुपये में बेचा जा रहा था। इसका टैक्स तक नहीं जमा कराया गया। इस स्कूल में 4500 स्टूडेंट हैं। इस बार करीब 1300 प्रॉस्पेक्टस बेचे गए हैं। विद्यार्थियों पर गोलघर के सर्वश्री विद्यार्थी केंद्र से कॉपी, किताब लेने का दबाव डाला जाता है। एडिशनल कमिश्नर आरके कुरील ने बताया कि सहायक आयुक्त हेमंत कुमार राय और वाणिज्य कर अधिकारी एसबी सिंह ने छापेमारी कर स्कूलों की मनमानी पकड़ी है।
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  मनमानी रोकने को डीएम ने बनाई टीम
पब्लिक स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए डीएम संध्या तिवारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में टीम गठित की है। इस टीम ने शुक्रवार को पब्लिक स्कूलों पर छापे मारे। मेडिकल कॉलेज रोड स्थित हालमार्क वर्ल्ड स्कूल, मेट्रोपोलिटन स्कूल, सेंट्रल हिंदू स्कूल, आत्मदीप विद्यालय, सेंट जोसेफ स्कूल, एबीसी पब्लिक स्कूल और संस्कृति पब्लिक स्कूल में जाकर छानबीन की। इससे पता चला कि स्कूल कैंपस या फिर बाहर की दुकानों से कॉपी, किताब और यूनिफॉर्म बिकवाने की व्यवस्था की गई है। डीआईओएस एएन मौर्या ने बताया कि पब्लिक स्कूलों में मनमानी फीस ली जाती हैं, फिर भी शिक्षक और कर्मचारियों को पर्याप्त वेतन नहीं दिया जाता है। नियमानुसार कुल कमाई की 80 फीसदी धनराशि शिक्षक, कर्मचारियों के वेतन और विद्यार्थियों की सुविधा-संसाधनों पर खर्च होनी चाहिए। 20 फीसदी मुनाफा ही कमाया जा सकता है।
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