कुश्ती और हॉकी दो ऐसे खेल हैं, जहां गोरखपुर की प्रतिभाएं 50 सालों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। विगत सालों में हुए खराब प्रदर्शन के बाद एक बार फिर गोरखपुर की प्रतिभाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दस्तक दी है। इस बार एक युवा कुश्ती प्रशिक्षक और युवा महिला हॉकी खिलाड़ी ने अपना जलवा बिखेरा है। भारतीय कुश्ती टीम के प्रशिक्षक चंद्र विजय सिंह के मार्गदर्शन में पहलवान देश के लिए मेडल जीत रहे हैं, वहीं प्रीति दुबे ने भारतीय महिला हॉकी टीम की सबसे होनहार युवा खिलाड़ी के रूप में टीम की मजबूत कड़ी बनकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
दो पहलवान हुए ओलंपिक क्वालीफाई
बड़हलगंज के डेरवां निवासी आर्मी से रिटायर्ड कुश्ती प्रशिक्षक हरेंद्र सिंह के बेटे चंद्र विजय सिंह को कुश्ती और प्र्रशिक्षण दोनों विरासत में मिली है। वर्ष 2013 में चंद्र विजय सिंह को भारतीय टीम के साथ जुड़ने का मौका मिला। उस वक्त भारतीय टीम वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने हंगरी जा रही थी। चंद्र विजय के कुश्ती प्रशिक्षण से संदीप यादव ने ग्रीको रोमन में पहली बार भारत के लिए कांस्य पदक जीता। अब 98 किलोग्राम में हरदीप और 85 किलोग्राम में रवींद्र खत्री रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। दोनों को चंद्र विजय सिंह ने ही प्रशिक्षण दिया है। भारतीय टीम ओलंपिक की तैयारी के लिए पोलैंड जा रही है, जहां 18 से 22 जून तक मुकाबले होने हैं। चंद्र विजय सिंह भारतीय टीम के साथ होंगे। हालांकि ओलंपिक में कौन सा प्रशिक्षक जाएगा, इसका निर्णय जून के अंतिम सप्ताह में होगा।
टीम की मजबूत कड़ी बनी है प्रीति दुबे
रेलवे बौलिया कॉलोनी के अवधेश कुमार दुबे की बेटी प्रीति ने अपनी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। भारतीय महिला हॉकी टीम की सबसे युवा खिलाड़ी प्रीति दुबे दो सालों से टीम की सदस्य हैं। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर वह भारतीय टीम की एक मजबूत कड़ी बनकर उभरी हैं। मध्य क्रम की कमान संभालने वाली प्रीति वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज से हॉकी सीखने के बाद लगातार बुलंदियों को छूती जा रही हैं। आस्ट्रेलिया के डार्विन में हो रही चार देशों की रियो ओलंपिक की तैयारी में प्रीति भी टीम की सदस्य हैं। हालिया प्रदर्शन को देखकर हॉकी के दिग्गज यह दावा कर रहे हैं कि प्रीति सबसे कम उम्र में ओलंपिक का हिस्सा जरूर बनेंगी। आस्ट्रेलियाई दौरे पर प्रीति का प्रदर्शन उन्हें ओलंपिक में जाना तय करेगा।