मेडिकल कॉलेज में बीते हफ्ते हुई मारपीट के मामलों में पुलिस का ढुलमुल रवैया सामने आ रहा है। एक मामले में पीड़ित की तहरीर पर भी केस दर्ज नहीं हुआ तो दूसरे में मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़ित का बयान नहीं हो पा रहा है।
पहला मामला महिला सफाईकर्मी की पिटाई और उसके कपड़े फाड़ने का है। इसमें आरोपी एक जूनियर डॉक्टर है। पीड़ित की तहरीर पर गुलहरिया पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया लेकिन एक हफ्ता बीतने के बाद भी अभी तक पीड़ित का कलमबंद बयान नहीं करवा सकी है। वहीं पीड़िता पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो रविवार से महिला को मेडिकल परिसर में ड्यूटी करने रोक दिया गया है।
हालांकि, प्राचार्य राजीव मिश्रा ने बताया कि उनकी ओर से ऐसा नहीं किया गया है अगर ऐसा है तो आउटसोर्सिंग एजेंसी के लोगों को पता होगा।
दूसरी घटना शुक्रवार की है। मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक मेट्रन ने सहायक नर्स पर पीटने का आरोप लगाया था। बताया कि देर से आने पर ड्यूटी रजिस्टर देने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई। मेट्रन ने गुलहरिया पुलिस को तहरीर देते हुए उसकी एक प्रति मेडिकल प्रशासन को भी दी थी। लेकिन घटना के 72 घंटे से ज्यादा होने के बाद भी अभी गुलहरिया थानाध्यक्ष सूचना नहीं होने की बात कह रहे हैं।