फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ्रेम में फिट हुईं धूल फांकती फोटो

Sat, 08 Apr 2017 01:33 AM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
विज्ञापन
योगी से जुड़ी फोटो फ्रेम करने की बढ़ी जोर। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पुरानी तस्वीरों के दिन बहुर गए हैं। जिन लोगों ने योगी के साथ कभी फोटो खिंचवाई थी, वे अब इसे फ्रेम में मढ़वाकर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री की पुरानी तस्वीरों को सुरक्षित कराने के लिए फोटो स्टूडियो पर लंबी लाइनें लग रही हैं।
विज्ञापन


शहर के व्यापारी हो या अन्य लोग, योगी आदित्यनाथ से जुड़ी तस्वीरों से गर्द साफकर नए सिरे से उसकी फ्रेमिंग करा रहे हैं। शहर के विभिन्न कलरलैब में योगी के सीएम बनने के बाद अचानक से काफी संख्या में ऐसी तस्वीरें फ्रेम होने के लिए पहुंच रही हैं। नष्ट होने के करीब पहुंच चुकी ये तस्वीरें अब रौब गांठने के काम आ रही हैं।

टाउनहाल चौराहे पर कविता कलरलैब चलाने वाले अजय मल्ल ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने की घोषणा के बाद से उनसे जुड़ी फोटो बनाने के कई ऑर्डर मिले हैं। अभी भी करीब आधा दर्जन फोटो फ्रेम करने के लिए पड़ी हुई हैं। एक अन्य कलरलैब में पहुंचने पर वहां राजेश कुमार ऐसी ही एक फोटो को फ्रेम करते मिले। बताया कि अब तक योगी से जुड़ी लगभग 20 पुरानी तस्वीरों को नया रूप दे चुके हैं। नौसढ़ के राज स्टूडियो के संचालक शैलेश कुमार और एकला बाजार के चंद्रा स्टूडियो के संचालक शमसेर को भी ऐसी कई तस्वीरें बनाने को मिली हैं।
विज्ञापन


...ताकि सब देख सकें
इन तस्वीरों को लोग अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में ऐसी जगह पर लगा रहे हैं, जहां हर आने-जाने वाले की निगाह पड़ सके। इसके पीछे मंशा यह है कि तस्वीर देखकर लोग सीएम से उनकी करीब होने का अहसास कर सकें। शहर के सिंह बिरयानी, अग्रवाल होटल, रवि आर्म्स समेत बड़ी संख्या में दुकानों पर इस तरह की तस्वीरें अब अपनी चमक बिखेर रही हैं।

चर्चा में आई ‘गोरक्षगामिनी’ की फोटो
इसी तरह की एक जीर्ण-शीर्ण हाल तस्वीर सोशल मीडिया पर इतनी तेज वायरल हुई कि राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गई। योगी आदित्यनाथ के सहज स्वभाव का परिचय देती इस तस्वीर को एक न्यूज चैनल ने भी अपनी खबर का हिस्सा बनाया था। इस तस्वीर में योगी आदित्यनाथ ‘गोरक्षगामिनी’ नाम के एक टेंपो में बैठे नजर आ रहे हैं। जिले के वीरेंद्र कुमार पाठक की ये तस्वीर भी फ्रेम हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें