मेडिकल कॉलेज में मरीज को हालचाल लेते चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह।
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मेडिकल कॉलेेज में मंगलवार चिकित्सकीय उपकरणों का उद्घाटन करने पहुंचे चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह को तीमारदारों की शिकायतों से दो-चार होना पड़ा। तीमारदार इलाज के लिए बाहर से दवा मंगाने की शिकायत कर रहे थे। इस पर राज्य मंत्री जांच कराने की बात कहकर आगे बढ़ गए।
मंगलवार को एमआरआई, सेंट्रल पैथोलॉजी में उपकरण और लिफ्ट का उद्घाटन करने के बाद मंत्री मेडिकल कॉलेज की स्थिति का जायजा लेने के लिए परिसर का भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां बेड नंबर नौ पर भर्ती सड़क हादसे में घायल गुलरिहा के जंबार अली के तीमारदार ने बताया कि एक भी दवा अंदर से नहीं मिली हैं। तीन दिन में 7200 रुपये की दवाइयां बाहर से खरीद चुके हैं। इस पर राज्यमंत्री जांच कराने की बात कहकर आगे बढ़ गए।
इसके बाद वह इंसेफेलाइटिस वार्ड पहुंचे। यहां भर्ती अरुण पुत्र रूदल के पास पहुंचे और व्यवस्था का हाल पूछा तो उसने भी दवा बाहर से लाने की शिकायत की। बंद मशीनों के सवाल पर प्राचार्य ने सब कुछ ठीक होने का लेप लगाया और मंत्री भी उसे मानकर आगे निकल लिए।
संविदा कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने मंत्री राधेश्याम सिंह को ज्ञापन देकर बकाया वेतन दिलाने की मांग की। कर्मचारियों का 11 महीने का वेतन बाकी है। पहले भी कई बार वह वेतन को लेकर मांग पत्र दे चुके हैं।
मंत्री के सामने उठाया शोषण का मुद्दा
निरीक्षण पर आए चिकित्सा शिक्षा मंत्री के सामने जूनियर डॉक्टरों ने भी अपने दर्द को बयां किया। जूनियर डॉक्टरों ने सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष पर शोषण का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि बीते कई दिनों से मेडिकल कॉलेज में यह मुद्दा गर्माया है। इसे लेकर सोमवार को विभाग में पोस्टर भी चस्पा किए गए थे।