प्रदेश सरकार के कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने मंगलवार को एक बार फिर सदर सांसद महंत आदित्यनाथ पर तीखे प्रहार किए। एम्स के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जमीन देने के बाद उसपर विवाद पैदा कराया गया है। हम लोग विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाते हैं और वोट मांगते हैं, जबकि सदर सांसद आस्था के नाम पर वोट लेकर चुनाव जीतते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर महंत आदित्यनाथ हिंदुत्व के सच्चे रक्षक हैं तो उन्हें अपने अस्पताल में हिंदुओं का इलाज मुफ्त कर देना चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि एम्स निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है। गोरखपुर में इसकी स्थापना हो, इसके लिए ही वन विभाग की जमीन उपलब्ध कराई गई, मगर महंत आदित्यनाथ नहीं चाहते कि एम्स का निर्माण हो। वह प्रदेश सरकार को बदनाम कर रहे हैं।
राधेश्याम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों के इलाज को लेकर सबसे ज्यादा संजीदा है। इंसेफेलाइटिस से निपटने के लिए उसे असाध्य रोगों की सूची में शामिल किया जा रहा है। नौ करोड़ रुपये दवा के मद में दिए गए हैं। यदि दवा की कहीं कमी है तो उसे दूर कर दिया जाएगा। एमआरआई, लिफ्ट, पैथोलॉजी में अत्याधुनिक मशीनें लगाकर सरकार ने इलाज की सभी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। मेडिकल कॉलेज में कई महत्वपूर्ण काम प्रस्तावित हैं जिन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। 20 बेड का बर्न वार्ड बनाया जाना है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बाल सेवा संस्थान का काम चल रहा है। नवंबर तक इसकी शुरुआत कर दी जाएगी।