शहर के लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए इंतजामिया ने एक बार फिर कवायद शुरू की है। सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाले 21 स्थानों को चिह्नित किया गया है जहां ट्रैफिक लोड कम करने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।
पहले चरण में बेतियाहाता, शास्त्री चौक, अंबेडकर चौराह, छात्र संघ, पैडलेगंज और मोहद्दीपुर चौराहे को शामिल किया गया है। इसके बाद चरणवार दूसरों चौराहों पर भी काम शुरू किया जाएगा। बृहस्पतिवार को कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद ने इन सभी छह चौराहों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीआईजी आरके चतुर्वेदी, जीडीए उपाध्यक्ष शिव श्याम मिश्र और नगर आयुक्त राजेश कुमार त्यागी समेत कई अफसर मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान पहले तो अफसरों ने मौके पर ही उन सभी बिंदुओं पर चर्चा की जो यातायात में बाधा बन रहे हैं। इनमें पोल, नाली और महापुरुषाें की मूर्तियां भी शामिल हैं। कुछ चौराहों पर इन मूर्तियों को आगे-पीछे करने का भी निर्णय किया गया। सभी चौराहों का निरीक्षण करने के बाद तय हुआ कि एक कमेटी बनाई जाए जो संबंधित चौराहों पर यातायात में बाधित सभी वजहों को चिह्नित करने के साथ ही उसके निस्तारण और काम कराने में खर्च होने वाली रकम की विस्तृत रिपोर्ट बनाएगी।
कमिश्नर ने कमेटी बनाने की जिम्मेदारी जीडीए उपाध्यक्ष को सौंपी है। इसमें जीडीए, नगर निगम, बिजली विभाग और राजस्व के अफसर शामिल होंगे। जीडीए उपाध्यक्ष ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि शुक्रवार को कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। रिपोर्ट तैयार करने के लिए कमेटी को सात दिन मिलेगा। इसके बाद कमेटी की रिपोर्ट के साथ एक बार फिर संबंधित महकमों के अफसरों की कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें कार्ययोजना पर मुहर लगने के साथ ही काम पूरा करने के लिए समय का निर्धारण किया जाएगा।
बता दें कि इसके पहले भी पूर्व कमिश्नर पीके महांति, के रविंद्र नायक और सेवानिवृत्त हो चुके कमिश्नर जेपी गुप्ता के समय भी जाम से निजात के लिए प्रयास हुए थे मगर वे अंजाम तक नहीं पहुंच सके। नतीजतन सालों से जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है।
इन स्थानों का किया गया है चिह्नित
गोलघर काली मंदिर चौक, गणेश चौक, टीपी नगर चौराहा, अग्रसेन तिराहा, विजय चौक, असुरन, गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के सामने, तरंग ओवरब्रिज, धर्मशाला चौराहा, रेलवे स्टेशन तिराहा, सीटी मॉल के सामने, रेलवे जीएम तिराहा, हरिओम नगर, कचहरी चौक, बेतियाहाता, शास्त्री चौक, अंबेडकर चौराहा, छात्र संघ चौराहा, पैडलेगंज और मोहद्दीपुर।