नेपाल में भारतीय बकरों की खपत ज्यादा होती थी। दशहरे में करीब 20 से 25 लाख बकरें हर रोज नेपाल भेजे जाते थे। लेकिन प्रतिबंध से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। नौतनवां के ब्यापारी शमशाद खान ने बताया कि जांच प्रमाण पत्र मिलने की ब्यवस्था कलकता में हैं। नजदीक कहीं जांच प्रमाण पत्र मिलने की व्यवस्था नहीं है।
नेपाल सरकार के प्रतिबंध से दशहरे में होने वाला लाभ प्रभावित हो रहा है। नजदीक जांच की व्यवस्था रहती तो समस्या नहीं होती। नेपाल में बकरे की बलि देने की प्रथा को लेकर लोग दशहरे से पहले ही इसकी खरीद कर लेते थे। लेकिन इस बार बहुत ही मारा मारी है। सरहद के निकट रहने वाले लोग एक बकरे की खरीद सोनौली सहित आस पास के बाजारों से कर रहे हैं।
बहराइच समेत अन्य जिलों से भेजे जा रहे थे बकरे
भारत नेपाल में बकरों को भेजने के लिए बहराइच समेत अन्य जिलों से बकरें जाए जाते थे। अंबेडकर नगर, गोरखपुर के अलावा महराजगंज जिले के कोल्हुई कस्बे से बकरों की खेप नेपाल भेजी जाती थी। प्रतिबंध के कारण कारोबारी इन मंडियों से व्यापार कम कर दिए हैं। उन्हें उम्मीद है कि नेपाल सरकार शायद नियमों में कुछ छुट दे तो व्यापार शुरू होता।