बच्ची को पाकर मां, दादी और पिता भावुक हुए। मां रूबी फफक पड़ी।
गोरखपुर के जगदीशपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से 30 जुलाई को लापता हुई नवजात बच्ची बुधवार की दोपहर 12 बजे खोराबार के कुसम्ही बाजार स्थित एक दुर्गा मंदिर में मिली। बच्ची के पास एक अज्ञात महिला का पत्र पड़ा था। जिसमें लिखा था, दस सालों से कोई संतान नहीं होने और सास के तानों से परेशान होकर बच्ची को मेडिकल कॉलेज से लाई थी।
मगर, बच्ची की मां के बारे में सोचकर मेरा दिल पसीज गया। पत्र में अपील थी बच्ची को उसके मां-बाप तक पहुंचा दिया जाए। सूचना के बाद एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुुंचे। वहां से बच्ची को अपनी गोद में लेकर मेडिकल कॉलेज पहुुंचे और बच्ची को उसके मां-बाप को सौंपा। बिटिया को देखते ही उसकी मां रूबी वर्मा फूट-फूट कर रोने लगीं।
राजघाट के राकेश वर्मा और रूबी वर्मा की तीन दिन की बच्ची बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गायनिक वार्ड से 30 जुलाई को लापता हो गई थी। पुलिस अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर बच्ची की तलाश कर रही थी। बच्ची को खोजने के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर फोटो डालने के साथ ही बगल के जिलों की पुलिस से भी मदद मांगी।
बुधवार को कुसम्ही बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में बच्ची के मिलने की सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई। एसपी सिटी और एसपी नार्थ अरविंद पांडेय खुद मौके पर पहुंचे। पहले बच्ची की तस्वीर का मिलान किया। इसके बाद उन्होंने गुलरिहा पुलिस को मेडिकल कॉलेज भेजकर बच्ची के परिजनों को बताने को कहा।
बेटों से ज्यादा अच्छी होती हैं बेटियां
बच्ची की दादी सुनैना देवी ने कहा कि बेटों से ज्यादा अच्छी बेटियां होती हैं। बेटे को कुछ कहा जाए तो वो नहीं सुनते लेकिन बेटियां शादी के बाद भी मरते दम तक ख्याल रखती हैं।