सूखाग्रस्त जिलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील खिलाने की शासन की मंशा पर पानी फिर गया है। निगरानी के लिए डीएम द्वारा गठित टीम ने स्कूलों की जांच ही नहीं की। वहीं, बीएसए और जिला समन्वयक को 60 में से 55 स्कूल बंद मिले। इस पर भुगतान में फर्जीवाड़े की आशंका देखकर शासन ने एसडीएम से सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
पिछले दिनों डीएम ने एसडीएम, बीडीओ और लेखपाल की टीम गठित कर ब्लॉक वार स्कूलों में मिड-डे मील की जांच का निर्देश दिया था। सप्ताह भर बाद भी किसी अधिकारी ने जांच नहीं की। वहीं, बीएसए ओपी यादव ने 10 स्कूलों की जांच की, जिसमें सभी स्कूल बंद मिले। जबकि मिड-डे मील के समन्वयक दीपक पटेल के मुताबिक उन्होंने पिपराइच, जंगल कौड़िया, खोराबार, नगर क्षेत्र और चरगांवा के 50 स्कूलों की जांच की, जिसमें सिर्फ पांच स्कूल ही खुले मिले। इनमें भी सिर्फ दो स्कूलों में भोजन बना था।
जिला समन्वयक ने बताया कि मिड-डे मील न बनवाने वाले स्कूलों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। जिन स्कूलों से भोजन बनने की रिपोर्ट आएगी, वहां एसडीएम सत्यापन करके रिपोर्ट देंगे। इसके बाद ही भुगतान होगा।