गोरखधाम एक्सप्रेस की महिला बोगी में कुछ यात्रियों ने कब्जा कर लिया। महिलाओं ने जब बर्थ खाली करने को कहा तो वे विवाद करने लगे। काफी देर तक इंतजार के बाद जब बर्थ खाली नहीं हुआ तो महिलाएं उग्र हो गईं और नोंकझोंक शुरू हो गई। इसी बीच आरपीएफ के जवान भी पहुंच गए। महिलाओं की शिकायत पर आरपीएफ ने सख्ती बरतते हुए पुरुष यात्रियों को कोच से बाहर निकाला, तब जाकर मामला शांत हुआ।
प्लेटफॉर्म दो पर अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे गोरखधाम एक्सप्रेस पहुंची तो जनरल बोगियों में घुसने के लिए भीड़ लग गई। आरपीएफ ने लाइन लगवाकर लोगों को कोच में प्रवेश कराना शुरू किया तो कुछ यात्री महिलाओं की बोगी में घुस कर बर्थ पर कब्जा जमा लिया। कुछ देर बाद जब महिलाएं कोच में चढ़ी तो उन्हें बैठने की जगह नहीं मिली।
महिलाओं ने यात्रियों से बर्थ खाली करने को कहा तो वे नहंीं माने। कोच में बैठी उर्मिला देवी, कंचन तिवारी, कीर्ति गुप्ता ने बताया कि यात्रियों का कहना था कि तुम लोगों ने सारी सीटें खरीद ली है क्या, हम खाली नहीं करेंगे।
काफी देर तक नोंकझोंक होता रहा। कुछ महिलाएं कोच से नीचे आ गई और हंगामा करने लगी। शोर सुनकर पहुंचे आरपीएफ के जवानों ने कोच में कब्जा करने वाले यात्रियों को जबरन नीचे उतारा और महिलाओं को बर्थ उपलब्ध कराया।